फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विजय नगर हत्याकांड : अभिषेक के दोस्त के खिलाफ नहीं मिले सबूत

विज्ञापन
विज्ञापन
रोहतक। विजय नगर के बहुचर्चित चौहरे हत्याकांड में स्टेट क्राइम ब्रांच की ओर से सोमवार को एएसजे डॉक्टर गगनगीत कौर की अदालत में अतिरिक्त आरोप पत्र दाखिल किया गया। पीड़ित पक्ष के वकील का दावा है कि स्टेट क्राइम ब्रांच को भी स्थानीय पुलिस की तरह आरोपी अभिषेक उर्फ मोनू के अलावा उसके उत्तराखंड के दोस्त या किसी अन्य के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला। अब 16 सितंबर को अदालत अतिरिक्त आरोप पत्र की कॉपी आरोपी पक्ष को देगी, बल्कि आरोप तय करने पर बहस भी होगी।
विज्ञापन

शिकायतकर्ता पक्ष के वकील सुशील पांचाल ने बताया कि सोनीपत जिले के गांव मदीना निवासी बबलू पहलवान दो दशक से रोहतक में रह रहा था। प्रॉपर्टी डीलर के तौर पर काम करते हुए उसने विजय नगर में न केवल कोठी बना रखी थी, बल्कि आसपास प्लॉट भी खरीद रखे थे। 27 अगस्त 2021 को प्रॉपर्टी डीलर बबलू पहलवान, उसकी पत्नी बबली, बेटी नेहा उर्फ तमन्ना व बबली की मां रोशनी को घर के अंदर ही सिर के अंदर गोली मार दी गई थी। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए बबलू के इकलौते बेटे 20 वर्षीय अभिषेक उर्फ मोनू को गिरफ्तार किया था। अभिषेक तभी से न्यायिक हिरासत के चलते जेल में बंद है। अभिषेक ने अपने वकील के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सीबीआई से जांच कराने की मांग की थी। साथ ही प्रॉपर्टी विवाद के दृष्टिकोण से जांच करने की मांग की थी। उधर, प्रदेश सरकार ने रोहतक पुलिस के अलावा स्टेट क्राइम ब्रांच से जांच कराने का निर्णय लिया था। स्टेट क्राइम ब्रांच ने मामले की जांच करते हुए अब अदालत में अपनी तरफ से फाइनल एवं अतिरिक्त आरोप पत्र दाखिल किया है।
वर्जन-
सोमवार को अदालत में विजय नगर हत्याकांड की सुनवाई हुई। स्टेट क्राइम ब्रांच से अतिरिक्त आरोप पत्र दाखिल किया गया। मेरी स्टेट क्राइम ब्रांच के अधिकारियों से बात हुई थी। आरोपी अभिषेक के अलावा किसी अन्य को आरोपी नहीं बनाया गया है। इसमें उसका उत्तराखंड का दोस्त शामिल है। हालांकि आधिकारिक तौर पर 16 सितंबर को अदालत में अतिरिक्त आरोप पत्र को खोला जाएगा। उसी दिन अदालत आरोप तय करने पर बहस करवा सकती है।
विज्ञापन

- एडवोकेट सुशील पांचाल, वकील, पीड़ित पक्ष
अदालत में अर्जी देकर सहायक आरोप पत्र की कॉपी मांगी गई है। इसके लिए 16 सितंबर की तिथि तय है। केस में अभिषेक के अतिरिक्त स्टेट क्राइम ब्रांच की तरफ से किसी अन्य को आरोपी नहीं बनाया गया है।
- एडवोकेट शिवराज मलिक, वकील बचाव पक्ष
बॉक्स
मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज व डीवीआर भी जमा
अतिरिक्त आरोप पत्र के साथ स्टेट क्राइम ब्रांच ने अदालत में केस से जुड़ी मोबाइल लोकेशन, होटल की सीसीटीवी फुटेज, डीवीआर सहित फॉरेंसिक रिपोर्ट भी कोर्ट में जमा करवाई है। केस के अंदर सुनवाई के दौरान तकनीकी सबूत अहम साबित हो सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें