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Rohtak News: वैश्य संस्था के उपप्रधान, महासचिव व कोषाध्यक्ष ने पद त्यागा

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वैश्य संस्थान में पत्रकारों से बातचीत करते नवीन जैन।
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रोहतक। वैश्य शिक्षण संस्थान में उपजा विवाद कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है। रजिस्ट्रार कार्यालय व अदालती पचड़े से निकलकर बड़ी मुश्किलों से चुनी गई संस्था कार्यकारिणी में चुनाव के डेढ़ वर्ष बाद ही दरार पड़ गई है। मंगलवार को सोसाइटी कार्यालय में संस्थान की आम सभा में जमकर हंगामा हुआ। कार्यकारिणी के तीन पदाधिकारियों ने बैठक का बहिष्कार करते हुए अपने पदों से भी त्याग पत्र दे दिया। इधर, संस्थान प्रधान ने आरोपों को निराधार बताते हुए नियमों के तहत कार्य होने व तीनों पदाधिकारियों का त्यागपत्र स्वीकार कर लिया है।
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वैश्य संस्था में मंगलवार को आम सभा बुलाई गई। यहां प्रधान नवीन जैन की मौजूदगी में संस्था के एजेंडों पर चर्चा शुरू हुई। कुछ ही देर में यह चर्चा बहस और फिर कहासुनी में बदल गई। मामला धमकी तक पहुंचा तो संस्था कार्यकारिणी के पदाधिकारी दो धड़ों में बंटे नजर आए। यहां मुद्दों को लेकर विरोधी पक्ष ने प्रधान से बैठक में मिनिट्स की रिकॉर्डिंग के लिए सोसाइटी से अगल अपना वीडियोग्राफर बुलाया। इस पर प्रधान ने आपत्ति जताते हुए फोटोग्राफर बुलाने का कारण पूछा। विरोधी पक्ष ने कहा कि सचिव को पूरा अधिकार है। पिछली मीटिंग की मिनिट्स हमने मांगी थी, वह हमें नहीं दी गई। इसमें कुछ गलत कार्य किए गए। यह किसी को न पता लगे, इसलिए वीडियो नहीं दी गई। इसीलिए वीडियोग्राफर बुलाया गया है। इसी बात पर विवाद हो गया।
बैठक में प्रधान पक्ष के एक सदस्य ने बाहर आने पर देख लेने की धमकी दी। गोली मारने की बात भी कही। इसके चलते उपप्रधान दीपक जिंदल, महासचिव राजेंद्र बंसल व कोषाध्यक्ष डॉ. चंद्र गर्ग आम सभा का बहिष्कार कर अपना त्यागपत्र देकर वहां से बाहर आ गए। बाहर बैठक में हुए हंगामे को लेकर रोष प्रकट हुआ। हालात बिगड़ते देख मौके पर पुलिस बुलानी पड़ी। इस घटना की शिकायत पुलिस को दी गई है।
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उपप्रधान ने कहा कि पिछली तीन-चार बार से बैठक नहीं हो रही है। कार्यकारिणी से हस्ताक्षर करवाकर घर में ही बैठक कर ली जाती है। घर बैठकर ही मिनिट्स लिखे जाते हैं। यह गलत है। यही नहीं, सचिव व अन्य पर निराधार आरोप लगाए जा रहे हैं। यह बैठक भी विशेष रूप से बुलाई गई थी। इसमें भी 35 लोगों ने प्रधान पर करोड़ों रुपये का नुकसान करने का लिखित बयान देकर कार्रवाई की मांग की है। जब सुनवाई नहीं हुई तो तंग आकर अपने पदों से हमने त्याग पत्र दिया है। महासचिव ने कहा कि यदि प्रधान 30 दिसंबर की बैठक की वीडियो सार्वजनिक कर दें। हमें न बोलने दिया न राय मांगी। पहले से जो लिखकर लाए थे, वह बोल दिया। बस हस्ताक्षर करवा लिए। यह गवर्निंग बॉडी भंग हो। दोबारा से चुनाव हो। संस्था में पहले ही पांच करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

निराधार लगाए जा रहे हैं आरोप
वैश्य एजुकेशन सोसाइटी के प्रधान नवीन कुमार जैन ने कहा कि बुधवार को गवर्निंगबॉडी वैश्य एजुकेशन सोसाइटी की विशेष बैठक थी। बैठक में सभी पांच पदाधिकारी और 15 सदस्य उपस्थित रहे। बैठक शुरू होने से पूर्व ही सोसाइटी के उप-प्रधान, महासचिव व कोषाध्यक्ष ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया और अपने साथ गवर्निंगबॉडी के पांच सदस्यों को लेकर बैठक से बाहर चले गए। इसके बाद सदन में 12 सदस्य उपस्थित थे। इसलिए कोरम पूरा होने की स्थिति में बैठक का संचालन शांतिपूर्वक किया गया। सोसाइटी की गवर्निंगबॉडी के उप-प्रधान दीपक जिंदल, महासचिव राजेंद्र बंसल व कोषाध्यक्ष डाॅ. चंद्र गर्ग ने सोसाइटी कार्यालय को त्यागपत्र दे दिया। इन्हें सदन में विचार-विमर्श के पास कर दिया गया। संस्था के सफल संचालन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था बनाते हुए महासचिव का कार्यभार सह-सचिव श्याम लाल गर्ग व कोषाध्यक्ष का कार्यभार प्रधान नवीन कुमार जैन को सौंपा गया। यह भी निर्णय लिया गया कि इसकी सूचना सभी संबंधित प्राचार्यों, बैंकों व अन्य सभी संबंधित को भेज दी जाए। इसके अतिरिक्त यह भी निर्णय लिया गया। कॉलेजियम की बैठक 4 फरवरी को बुलाने पर भी सहमति बनी।
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