रोहतक। सिविल अस्पताल में डेढ़ माह तक बंद रही अल्ट्रासाउंड सुविधाएं दोबारा से शुरू हुई। रेडियोग्राफर चिकित्सक की ओर से ली गई चाइल्ड केयर लीव पर जाने के कारण अस्पताल में सुविधाएं बंद रही। इस बीच स्वास्थ्य विभाग की ओर से दो हफ्ते के लिए विद्यार्थियों को अल्ट्रासाउंड के लिए डयूटी पर बैठाया गया, जिस कारण मरीजों को कुछ दिन की राहत महसूस हुई।
सिविल अस्पताल में फरवरी के दूसरे हफ्ते में अल्ट्रासाउंड सुविधाएं बंद हो गई थी। जिस कारण मरीजों को अल्ट्रासाउंड के लिए पीजाआई व निजी अस्पतालों में चक्कर लगाने पड़े। सुविधाएं बंद रहने के पंद्रह दिन बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से रेडियोलॉजी विभाग के मेडिकल विद्यार्थी को बारह दिन के लिए डयूटी पर बैठाया गया। उसके बाद दोबारा सुविधाएं पंद्रह दिन के लिए बंद रही। अस्पताल में सोमवार से रेडियोग्राफर चिकित्सक के लौट आने से सुविधाएं शुरू हुई है।
वर्जन :
एक दिन में अल्ट्रासाउंड के 90 से 110 मरीज आते हैं। एक रेडियोग्राफर के लिए इतने मरीजों को लगातार देखना भी मुश्किल रहता है। इसी कारण तीन माह पहले ही चिकित्सा अधिकारी की ओर से लिखित में मुख्यालय में अस्पताल के लिए एक और रेडियोग्राफर की मांग भेज दी गई थी।
- डॉ. रीटा गोयल, अल्ट्रासाउंड चिकित्सक, रेडियोग्राफर, सिविल अस्पताल