जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान महम थाने से लूटे गए हथियार बरामद होने के मामले में पुलिस की जांच एक बार फिर सवालों के घेरे में है। अदालत ने सात साल चली सुनवाई के बाद शनिवार को आरोपी हिसार जिले के गांव मदनहेड़ी निवासी प्रवीण व उसके साथी सागर को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक छह मई 2016 को पुलिस ने गश्त के दौरान हिसार जिले के गांव मदनहेड़ी निवासी प्रवीण को गिरफ्तार किया था। तलाशी के दौरान उसकी जेब से एक देसी कट्टा बरामद हुआ। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने यह कट्टा गांव के युवक सागर से लिया है।
पुलिस ने सागर को भी गिरफ्तार कर लिया। बताया कि यह कट्टा 2016 में महम थाने से लूटा गया था। तभी से जिला अदालत में मामले की सुनवाई चल रही थी। बचाव पक्ष के वकील सुशील पांचाल ने बताया कि प्रवीन व सागर को साक्ष्यों के अभाव में जेएमआईसी संदीप की अदालत ने बरी कर दिया।