बहादुरगढ़। वैश्य आर्य शिक्षण महिला महाविद्यालय बहादुरगढ़ की वाईआरसी स्वयंसेविकाओं ने पोस्टर व स्लोगन के द्वारा भगवान परशुराम को याद किया व उनके द्वारा प्रशस्त किए गए मार्ग पर चलने का प्रयास करने का प्रण लिया।
सनातन धर्म में भगवान परशुराम को जगत के पालनहार भगवान विष्णु का षष्ठ अवतार माना जाता है। भगवान परशुराम ने ब्राह्मण ऋषि के घर में जन्म लिया था। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. आशा शर्मा ने कहा कि भगवान शिव का परशु जिसे फरसा या कुल्हाड़ी भी कहते हैं। यह इन्हें बहुत प्रिय था व इसे हमेशा साथ रखते थे। परशु धारण करने के कारण ही इन्हें परशुराम कहा गया। इस दिन भगवान विष्णु के परशुराम अवतार की पूजा करने से शत्रुओं का नाश, शौर्य में वृद्धि और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। इस कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय की वाईआरसी द्वारा किया गया।