रोहतक। जाट काॅलेज अखाड़ा हत्याकांड मामले की बुधवार को एएसजे डाॅ. गगनगीत कौर की अदालत में सुनवाई हुई। जांच अधिकारी व पीजीआई थाने के तत्कालीन प्रभारी राजू सिंधु के बयान दर्ज हुए। जांच अधिकारी ने बताया कि कैसे छह लोगों की हत्या व एक व्यक्ति पर जानलेवा हमले के केस की जांच में कड़ी से कड़ी जोड़कर आरोपी कोच सुखंविद्र को गिरफ्तार किया गया। वहीं, मधुबन से आए फॉरेंसिक लैब के एक्सपर्ट आरएस सांगवान के भी डेढ़ घंटे तक बयान दर्ज किए गए। अब मामले में 10 जनवरी को बचाव पक्ष के वकील दोनों गवाहों से सवाल करेंगे।
बुधवार को केस के जांच अधिकारी राजू सिंह व फॉरेंसिक एक्सपर्ट की अदालत में गवाही हुई। सुबह 10 बजकर 40 मिनट पर जांच अधिकारी ने अपने बयान दर्ज कराने शुरू किए। लंच के बाद ढाई बजे तक बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया चली। जांच अधिकारी ने वारदात की सूचना से लेकर घटनास्थल के ब्योरे से लेकर गिरफ्तारी तक की प्रक्रिया कोर्ट को बताई। इसके बाद डेढ़ घंटे फॉरेंसिक एक्सपर्ट के बयान दर्ज किए गए।
क्या था मामला
पीड़ित पक्ष के वकील जय हुड्डा ने बताया कि जाट कॉलेज अखाड़ा हत्याकांड 12 फरवरी 2021 को हुआ था। उस दिन सात लोगों को गोली मारी गई थी। मुख्य कोच मनोज मलिक, उनकी पत्नी साक्षी मलिक, मांडोठी निवासी कोच सतीश, मोखरा निवासी प्रदीप व महिला पहलवान मथुरा निवासी पूजा तोमर की मौके पर ही मौत हो गई थी। मनोज के बेटे चार वर्षीय सरताज ने बाद में दम तोड़ दिया था। अखाड़े के बाहर गोली लगने से घायल हुए निडाना निवासी अमरजीत को गंभीर हालत में गुरुग्राम ले जाया गया था। यहां उनकी जान बच गई थी। तभी से जिला अदालत में केस की सुनवाई चल रही है।