बेरी। बेरी क्षेत्र में रिश्तेदारी में आई एक सात साल की बच्ची का दो युवकों ने तीन बार अपहरण का प्रयास किया। दो बार वह असफल रहे। तीसरी बार बच्ची को अकेली देख घर छोड़ने की बात कहकर उसे अगुवा करने की कोशिश की, लेकिन लड़की नहीं गई। परिजनों ने पीछा करके एक आरोपी को दबोच लिया। घटना सीसीटीवी में कैद हो गई उससे हुई पहचान के बाद दूसरा आरोपी भी दबोच लिया गया।पुलिस ने केस दर्ज करके कोर्ट में पेश किया जहां से दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
सात अप्रैल को रोहतक जिला निवासी एक व्यक्ति अपने परिवार के साथ बेरी क्षेत्र के एरिया में शादी समारोह में आया था। उसी रात को दो युवकों ने परिवार की 7 साल की बेटी का अपहरण का प्रयास किया। परिजनों का आरोप है कि दो बार बच्ची अन्य बच्चों के साथ थी, जिस कारण आरोपी कामयाब नहीं हुए। तीसरी बार बच्ची जब अकेली थी तो आरोपियों ने उसे घर छोड़ने की बात कहकर अपहरण का प्रयास किया, लेकिन लड़की ने उनके साथ जाने से मना कर दिया। परिवार को इसका पता चलने पर आरोपियों का पीछा किया गया। परिवार के सदस्यों ने कुछ दूरी पर एक आरोपी को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। यह पूरा मामला सीसीटीवी में भी कैद हो गया। सीसीटीवी में ही सामने आया है कि आरोपियों ने तीन बार बच्ची के अपहरण का प्रयास किया है। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और एक आरोपी को गिरफ्तार किया। दूसरे आरोपी की फुटेज भी पुलिस को दी गई। उससे पहचान होने पर दूसरे आरोपी को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्त में आए आरोपियों की पहचान दीपक व विकास निवासी बेरी के तौर पर की गई। पकड़े गए दोनों आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें अदालत झज्जर में पेश करके न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। शहर चौकी प्रभारी बेरी प्रदीप दलाल ने बताया कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उनको न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
परिजनों को शक, कोई और हो सकता है साजिशकर्ता
इस मामले में परिजनों को शक है कि इस मामले में कोई अन्य साजिशकर्ता हो सकता है। परिजनों के पास सीसीटीवी फुटेज भी है। परिजनों का कहना है कि आरोपी कई बार फोन पर बातें करते नजर आ रहे हैं, जिससे लग रहा है कि उनको कोई गाइड कर रहा था। एक आरोपी को परिजनों ने पकड़कर पुलिस के हवाले किया जबकि दूसरे को पुलिस ने सीसीटीवी से पहचान कर पकड़ा।