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Rohtak News: इस बार गेहूं उत्पादन ने दी किसानों को खुशियां, 15 से खरीद बंद

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01...सांपला
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सांपला। रबी सीजन में लंबे समय तक ठंड बरकरार रहने का नतीजा यह रहा कि गेहूं की पैदावार बढ़ गई। औसतन प्रति एकड़ 24 से 25 क्विंटल तक जा पहुंची। किसानों को इस बार गेहूं ने खुशी दी है। हालांकि मंडी में इस बार सीजन करीब एक सप्ताह लेट शुरू हो पाया। फिर भी अब तक सांपला मंडी में साढ़े चार लाख क्विंटल गेहूं की आवक हो चुकी हैं। पिछले दो साल का रिकॉर्ड टूट गया है। मार्केट कमेटी रिकॉर्ड के मुताबिक 2020-21 में करीब चार लाख बैग गेहूं पहुंचा था। 2022-23 में सांपला मंडी में करीब आठ लाख बैग गेहूं बिक्री के लिए पहुंचा।
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इस बार मंडी में अब तक 10 लाख बैग गेहूं पहुंच चुका है। अभी खरीद के दस दिन और है। कृषि वैज्ञानिक व अधिकारियों का कहना है कि इस बार गेहूं प्रति एकड़ 4 से पांच मण अधिक उत्पादन हुआ। गेहूं के उत्पादन में वृद्धि के पीछे कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि इस वर्ष लंबे समय तक मौसम ठंडा रहा। साथ ही समय पर बरसात हुई है। इससे गेहूं की फसल को नुकसान कम हुआ और उत्पादन बढ़ा है। उधर फसल बेचने आए किसान जसवीर, पवन कुमार, राजेश आदि ने बताया कि इस बार प्रति एकड़ करीब 60 मण गेहूं का उत्पादन हुआ है। सीताराम का कहना कि उन्हें 5 एकड़ फसल को मंडी में बेचा तो वह करीब 315 मण गेहूं हुआ, यानी प्रति एकड़ 62 मण गेहूं की औसत आई।
15 मई तक होगी गेहूं के खरीद
एजेंसी द्वारा अब तक करीब चार लाख क्विंटल गेहूं की खरीद कर ली गई है। सरसों की सरकारी खरीद बंद हो चुकी है। 15 मई तक गेहूं की खरीद की जाएगी। कृषि उपनिदेशक डॉ. करमचंद ने बताया कि फसली रिव्यू में ये सामने आया कि गेहूं की प्रति एकड़ 55 से 60 मण उत्पादन हुआ है। सरसों का एरिया कम था, लेकिन पैदावार उसकी भी अच्छी रही।
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