सांपला। जिले में सरसों की बुवाई का काम चल रहा है। एक सप्ताह के बाद गेहूं की बिजाई का भी सीजन शुरू हो जाएगा। किसान इसकी तैयारी में जुट गए हैं। किसानों के सामने अभी से ही डीएपी खाद का संकट शुरू हो गया है। किसान अभी से ही खाद्य केंद्रों के चक्कर काटने लग गए हैं।
रोहतक जिले में किसानों द्वारा रबी की करीब 13000 हेक्टेयर में सरसों की बुवाई होती है। जबकि करीब एक लाख हेक्टेयर में गेहूं की बिजाई की जाती है। किसानों को दोनों फसलों के लिए डीएपी खाद की जरूरत पड़ती है। किसानों द्वारा हाल में सरसों की बिजाई की जा रही है। किसानों को सरकारी व प्राइवेट खाद बीज की दुकानों और सोसाइटी में डीएपी खाद नहीं मिल रहा है। ऐसे में किसानों की परेशानी बढ़ गई है। क्योंकि एक सप्ताह के बाद यानी एक नंबर से 15 नंबर तक गेहूं की अगेती बिजाई होनी है। अगर समय पर डीएपी नहीं आया तो किसानों के सामने गेहूं की बिजाई के दौरान संकट खड़ा हो जाएगा। हरीश दौरान किसानों में मारामारी मच जाएगी। हालांकि कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिले में खाद की कोई कमी नहीं रहेगी। क्योंकि अभी जो स्टॉक है उसे आगामी बिजाई को ध्यान में रखते हुए और भी डिमांड भेज दी गई है। किसान राजवीर, सतीश कुमार, अशोक, कमल सिंह, राम प्रसाद, जय भगवान आदि का कहना कि सीजन पर हर वर्ष खाद समय पर न मिलने के कारण किसानों को बिजाई करने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। हाल में दुकानों पर डीएपी खाद नहीं मिल रहा। अगर 10 दिन के अंदर डीएपी नहीं पहुंचा तो गेहूं की बिजाई करने में परेशानी होगी। कृषि विभाग ने तुरंत खाद मंगाना चाहिए।
अभी भी डीएपी खाद का स्टॉक बचा हुआ है। जल्द ही दूसरा रेक लगने वाला है। बिजाई के क्षेत्रफल को देखते हुए डिमांड भेजी हुई है। किसानों को किसी प्रकार की भी परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
- डॉक्टर करमचंद, उपनिदेशक, कृषि विभाग