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Rohtak News: पांच माह से नौ गांवों में सफाईकर्मी नहीं, गंदगी के लगे ढेर

Sun, 12 May 2024 03:37 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
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नगर निगम में शामिल नौ गांवों में शहर में शामिल होने का यहां के लोगों को 14 साल बाद भी अहसास नहीं हुआ है। आलम यह है कि पांच माह से गांवों सफाई कर्मचारी तक नहीं है। जगह-जगह गांवों में गंदगी के ढेर लगे हैं। अमर उजाला ने गांवों में दौरा कर व्यवस्था का जायजा लिया।
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कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में मार्च 2010 में नगर परिषद को भंग करके नगर परिषद का दर्जा दिया गया था। शहर के साथ लगते नौ गांवों बोहर, गढ़ी बोहर, बलियाना, खेड़ी साध, पहरावर, कन्हेली, सुनारिया कलां, सुनारिया खुर्द व कुताना बस्ती को शामिल किया गया था। गांवों में करोड़ों की पंचायती जमीन को सरकार ने नगर निगम के रिकाॅर्ड में शामिल कर दिया। इस नई व्यवस्था के साथ ही इन गांवों के लोगों को भी सुधार की आस जगी थी। उन्हें शहर की तर्ज पर मूलभूत सुविधाएं मुहैया होनी थीं। पानी, सीवरेज, बिजली, सड़क व सफाई क सुविधाएं शहर की तर्ज पर दी जानी थीं, लेकिन कांग्रेस हो या भाजपा सरकार, निगम में शामिल होने के 14 साल बाद भी यहां न तो सफाई व्यवस्था है, न ही अन्य सुविधाएं। पिछले पांच माह से यहां की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। यहां न किसी ने झाडू लगाई है, न कूड़ा उठाया है। इसकी वजह सफाई कर्मचारी नहीं होना है।

कोर्ट केस के चलते बनी अव्यवस्था
निगम की ओर से सफाई का काम ठेके पर दिया जाता रहा है। गलियों की सफाई का ठेका करीब 49 करोड़ रुपये का था। मुख्यालय ने इस ठेके को नियमों के विरुद्ध बताते हुए रोक लगा दी। साथ ही नए सिरे से टेंडर करने का निर्देश दिया। इसके चलते ठेके अदालत पहुंच गया। इसके बाद से यह मामला अदालत में विचाराधीन है। नतीजतन न तो नया टेंडर हुआ है और न ही पुराना ठेकेदार काम कर रहा है। यही नहीं, निगम प्रशासन ने गांवों से सफाई कर्मचारी हटा कर शहर में लगा दिए। इसके चलते व्यवस्था लड़खड़ाई हुई है।
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यह बोले लोग

वार्ड में सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। पिछले पांच माह से सफाई नहीं हुई है। इलाके की गलियों में गंदगी जमा है। सीवर की सफाई नहीं होने से गलियों में गंदा पानी भरा है। इस कारण मच्छर पनप रहे हैं। इनसे संक्रामक रोग पनपने का भय बना हुआ है।
- कृष्ण सहरावत, पूर्व पार्षद वार्ड एक, कुताना बस्ती
वार्ड में पिछले कई दिनों से सफाई व्यवस्था का हाल बेहाल है। यहां नालियां भरी पड़ी हैं। इनकी सफाई नहीं हो रही है। ऐसा पहली बार हुआ है। इस बारे में शिकायत करने पर भी सुनवाई नहीं हो रही है। हालात ये हैं कि लोगों को खुद नालियां साफ करनी पड़ रही हैं।

- साहब सिंह, पूर्व पार्षद वार्ड 22, सुनारिया कलां

वर्जन
निगम में 632 के करीब सफाईकर्मी हैं। उनसे निगम के अधिकारी सड़कों की सफाई के साथ-साथ गलियों की सफाई का काम ले रहे हैं। नगर निगम के गांवों में लगे सफाई कर्मियों को शहर में लगाया गया है। ऐसे में गांव में सफाईकर्मी नहीं हैं। मामले को लेकर निगम आयुक्त व संयुक्त आयुक्त से मिलेंगे।
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- संजय बिड़लान, प्रधान नगर निगम कर्मचारी संघ
वर्जन



अदालत में केस होने के कारण नया टेंडर नहीं हो सका। इस कारण दिक्कत आ रही है। गांव में सफाई क्यों नहीं हो रही, सफाई ब्रांच से रिपोर्ट मांगी जाएगी।

- विजय सिंह, संयुक्त आयुक्त नगर निगम
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