रोहतक। दो मार्च को 37 वर्षीय महिला गुरुग्राम के सामान्य अस्पताल से रेफर होकर ट्राॅमा सेंटर पहुंची। महिला के सिर व पैरों पर चोट के निशान थे। पहले वह अपना पता भी नहीं बता पा रही थी। उपचार व महिला सेवादारों की देखरेख में इसकी हालत में सुधार आया। काउंसिलिंग में महिला ने अपना नाम असम निवासी यादू हसदा बताया। फिर हरिओम सेवा दल की ओर से महिला को उसके परिवार से मिलाया गया। इसके बाद मेडिकल इंचार्ज हितेश ने इस महिला के परिवार वालों से संपर्क कर उनको महिला मरीज के बारे में जानकारी दी। इसके बाद परिवार वालों ने कहा कि वह महिला को लेने के लिए आ रहे हैं। सात मार्च को महिला के परिवार वालों ने महिला को संभाल लिया। इस दौरान संस्था के मेडिकल इंचार्ज हितेश, सेवादार सन्नी, विजय खुराना व अन्य उपस्थित रहे। संवाद