पति हादसे में चल बसा। यह मेरी गलती नहीं। मुझे बगैर पूछे देवर के पल्ले लगा दिया। यह मेरी गलती नहीं। अब भी पंचायत मुझे ही दोषी बता रही है। आखिर कब तक यह अन्याय सहना होगा। लघु फिल्म ''''हथ रपिया'''' के जरिये बड़े पर्दे पर गर्भवती विधवा और चूड़ा प्रथा के दर्द को कुछ इस तरह से बयां किया गया है। यह प्रयास सुपवा के फिल्म विभाग के अंतिम वर्ष के छात्र अरविंद चौधरी का है। इस लघु फिल्म को जयपुर में हुए 9वें राजस्थान अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में बेस्ट शॉर्ट फिल्म अवॉर्ड मिला है। फिल्म की पृष्ठभूमि झुंझुनूं जिले के भावठडी व पिलानी से जुड़ी है।
छात्र अरविंद ने बताया कि यह लघु फिल्म तीन फेस्टिवल में दिखाई जा चुकी है। पिछले वर्ष यह चित्र भारती भोपाल में नामित व चयनित रही। अब जयपुर में इसे सराहा गया है। इसका लेखन व निर्देशन छात्र ने खुद किया है। फिल्म फेयर उत्सव में शॉर्ट फिल्म, डॉक्यूमेंट्री फिल्म, वेब सीरिज, राजस्थानी फिल्म, फीचर फिल्म को शामिल किया गया। जवाहर कला केंद्र जयपुर में हुई फेस्टिवल अवाॅर्ड नाइट में करीब 50 अवाॅर्ड दिए गए।