रोहतक। स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 को लेकर नगर निगम परेशान है। निगम ने गुरुग्राम की तर्ज पर घर से निकलने वाले मलबे (निर्माण के दौरान) को ठिकाने लगाने का निर्णय लिया है। मकान मालिक खुद निगम की ओर से तय की गई जगह पर मलबा डालकर आएंगे या निगम को प्रति किलोमीटर के हिसाब से फीस देंगे। निगम पता लगा रहा है कि मलबे का दोबारा कैसे प्रयोग किया जा सकता है। इसके लिए निगम आयुक्त डॉक्टर ब्रह्मजीत सिंह रांगी ने संयुक्त आयुक्त भूपेंद्र को नोडल अधिकारी बनाया है, जो एक सप्ताह में पता कर बताएंगे कि योजना को कैसे सिरे चढ़ाया जा सकता है। उधर, बुधवार को आयुक्त ने जिला बार के वकीलों के साथ बैठक कर सफाई अभियान चलाने का निर्णय लिया।
केंद्र की तरफ से स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 के लिए 9500 अंक तय किए गए हैं। इसमें सबसे ज्यादा 5705 के करीब 60 प्रतिशत अंक सर्विस लेवल प्रोग्रेस, 2500 के करीब 26 प्रतिशत अंक सर्टिफिकेशन और 1295 के करीब 14 प्रतिशत अंक जनभागीदारी के तय हैं। कचरा व मलबा निस्तारण का कार्य सर्विस लेवल प्रोग्रेस में आता है। निगम की तरफ से कचरा निस्तारण के लिए भिवानी रोड पर प्लांट लगा रखा है, जबकि सुनारिया के पास जेल रोड पर मलबा ठिकाने लगाने के लिए डंपिंग पाइंट बनाया गया है। हालांकि लोग वहां पर मलबा नहीं डालते हैं। इस कारण हर बार स्वच्छता सर्वेक्षण में नंबर कट जाते हैं। पिछली बार भी शहर गारबेज फ्री सिटी नहीं बन सका था। हालांकि सर्वेक्षण में प्रदेश के अंदर पहला और राष्ट्रीय स्तर पर 71 अंक रेकिंग गिर गई थी।
गुरुग्राम की तर्ज पर बनेगा प्रोजेक्ट
निगम आयुक्त ने मंगलवार को संयुक्त आयुक्त भूपेंद्र सिंह के साथ बैठक की। इसमें तय हुआ कि घरों से निकलने वाले मलबे को ठिकाने लगाने के लिए गुरुग्राम की तर्ज पर प्लान तैयार किया जाए। सबसे पहले तो इसमें जनभागीदारी होनी चाहिए। आम लोगों से अपील की जाए कि वे मलबा घर के बाहर गली या सड़क पर डालने के बजाय निगम की ओर से तय की गई जगह जेल रोड पर डालें। अगर नहीं डाल सकते हैं तो निगम को अवगत कराएं। निगम निर्धारित फीस लेकर मलबा उठाएगा। वहां मलबे का ढेर न लगे, इसके लिए निगम पता कर रहा है कि मलबे का दोबारा कैसे प्रयोग किया जा सकता है।
वीरवार से पकड़े जाएंगे बेसहारा गोवंश
निगम आयुक्त ने बताया कि वीरवार को शहर में घूम रहे बेसहारा गोवंश को पकड़कर पहरावर गोशाला में छोड़ा जाएगा। इसके लिए बुधवार को गोशाला संचालक व अधिकारियों की बैठक ली गई। इसमें तय हुआ कि गोशाला संचालक खुद बेसहारा गोवंश को पकड़े। इसके लिए निगम की तरफ से गाड़ी व ड्राइवर उपलब्ध करवाए जाएंगे। संचालक नियमों के तहत रोजाना 15 से 20 गोवंश को गोशाला में लेकर जाए। हर सप्ताह मामले की समीक्षा की जाएगी।
न्यायालय परिसर में 31 को चलेगा सफाई अभियान
वहीं, निगम आयुक्त ने बुधवार को जिला बार प्रधान अरविंद श्योराण व अन्य वकीलों के साथ बैठक की। तय हुआ कि 31 अगस्त को न्यायालय परिसर में बार व निगम संयुक्त सफाई अभियान चलाएंगे। कचरे को साथ-साथ उठवाया जाएगा।
मलबे को ठिकाने लगाने के लिए आम लोगों का सहयोग बेहद अहम है। निगम गुरुग्राम की तर्ज पर मलबे को ठिकाने लगाने का प्रयास कर रहा है। सड़क पर घूम रहे गोवंश को गोशाला संचालक पकड़ेंगे। इसके लिए निगम गाड़ी व ड्राइवर उपलब्ध कराएगा। साथ ही न्यायालय परिसर में संयुक्त सफाई अभियान चलेगा।
डॉक्टर ब्रह्मजीत सिंह रांगी, आयुक्त नगर निगम