शहर की लाइफ लाइन कहे जाने वाली मुख्य सड़क (दिल्ली रोड) व कोर्ट रोड मंगलवार को तीन घंटे जाम रहे। लघु सचिवालय के बाहर किसानों के प्रदर्शन व धरने के चलते लगे जाम ने हर आम और खास को परेशान किया। शनिवार व रविवार के अवकाश के बाद खुले कार्यालय में अपनी समस्याओं के समाधान के लिए लघु सचिवालय, कोर्ट, बैंक, ट्रेजरी व अन्य जगह जाने वालों को जाम में फंसना पड़ा। जाम के कारण सुभाष चौक से कैनाल विश्राम गृह चौक तक की 500 मीटर की दूरी तय करने में दो मिनट के बजाय लोगों को 20 से 30 मिनट का समय लगा।
सोमवार को रोज की तरह कोर्ट, लघु सचिवालय समेत अन्य कार्यालय जनता के लिए शुरू हुए। यहां लोग अपने मामले शिकायतें लेकर अधिकारियों से मिलने निकले। रास्ते में सुबह करीब 11 बजे सोनीपत स्टैंड, आंबेडकर चौक, कैनाल विश्राम गृह चौक, कोर्ट रोड, सुभाष चौक का पूरा इलाका जाम हो गया। हर तरफ वाहन और उनके हाॅर्न का शोर गूंज उठा। जाम से निकलने के लिए लोग एक-दूसरे से आगे निकलने की फिराक में रहे। साइकिल व बाइक सवार इधर-उधर व कारों के बीच तंग रास्ते से आगे निकलने के लिए होड़ लगाए रहे। नतीजतन जाम और उलझ गया। वाहन रेंगते हुए बेहद धीमी रफ्तार से आगे बढ़े। लघु सचिवालय के चारों ओर की सड़कों पर केवल वाहनों की भीड़ नजर आई। व्यवस्था बनाने के लिए कोर्ट रोड पर न तो ट्रैफिक पुलिस कर्मचारी नजर आए न कोई अन्य। सोनीपत स्टैंड पर भी हालात खस्ता रहे। दोपहर करीब दो बजे किसान धरने से उठे तो कहीं जा कर व्यवस्था पटरी पर लौटने लगी। धरना समाप्त होने के करीब 20 मिनट बाद यातायात व्यवस्था सुचारु बनी और लोगों को राहत मिली।