20सीटीके28- एमडीयू के विधि विभाग में विद्यार्थियों को संबोधित करती प्रो. डाॅ. वागेश्वरी देस
रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के विधि विभाग में वीरवार को विस्तार व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसका विषय भारतीय संविधान के अंतर्गत नए आपराधिक कानून और उसके आयाम सामाजिक न्याय प्राप्त करने का एक साधन रहा। दिल्ली विश्वविद्यालय के विधि विभाग की प्रो. डाॅ. वागेश्वरी देसवाल ने बतौर मुख्य वक्ता यह व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान का उद्देश्य सभी नागरिकों को समानता, स्वतंत्रता और न्याय प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के अंतर्गत नए आपराधिक कानून सामाजिक न्याय के लिए महत्वपूर्ण साधन हैं। यह कानून न केवल अपराधों की रोकथाम करते हैं, बल्कि समाज में समानता और गरिमा को भी बढ़ावा देते हैं। विधि विभाग के अध्यक्ष प्रो. जितेन्द्र सिंह ढुल ने स्वागत भाषण दिया।