रोहतक। सल्लारा मोहल्ले में संदीप के मकान का दरवाजा अक्सर बंद रहता था, वहां परिवार के चार सदस्यों की मौत के बाद रात 10 बजे भी लाइट जलती दिखी। बाहर मोहल्ले में संदीप के पिता होशियार सिंह लोगों के सामने सफाई देते नजर आए।
मोहल्ले के लोगों से वह कह रहे थे कि जब संदीप चार साल का था, जब उसकी मां की मौत हो गई, इसलिए उसे दूसरी शादी करनी पड़ी। 2019 में रिटायर होने के बाद वह पीर वाली गली में दूसरे बेटे व पत्नी के साथ रहने लगा जबकि संदीप के नाम यह पुश्तैनी घर कर दिया था। वह अपने परिवार के साथ यहां रहता था। तीन दिन पहले संदीप से उसकी बात हुई। कह रहा था कि पिता जी, मैं बीमारी परेशान हूं। गुरुग्राम में 35 हजार रुपये डॉक्टर मांग रहा है। मैंने कहा, बेटा रोहतक में ही इलाज करवा ले। किसी तरह का कोई झगड़ा नहीं था। आज घर में ऐसा क्या हुआ, उसे पता नहीं है। मैं हर तरह से जांच कराने के लिए तैयार हूं। अगर मैंने कुछ गलत किया होता तो यूं गली में थोड़ा घूमता। अब भी थाने से आया हूं।
पोस्टमार्टम के बाद रखेंगे पक्ष
उधर, रीना के चचेरे भाई रवि व अन्य से बात की तो उन्होंने कहा कि रविवार को शवों का पोस्टमार्टम होगा। उसके बाद अपना पक्ष रखेंगे। उन्होंने पुलिस को लिखित शिकायत दे दी है।
चेतना को स्कूल छोड़कर आते सुबह रीना नहीं दिखी
पड़ोसियों ने बताया कि संदीप अक्सर ड्यूटी पर चला जाता था। रीना हर रोज सुबह सात बजे के करीब बेटे चेतना को नजदीक पाड़ा मोहल्ले के प्राइवेट स्कूल में छोड़ने जाती थी। शनिवार सुबह न तो दरवाजे खुले और न ही रीना दिखी। सुबह किसी तरह का झगड़ा या शोर भी सुनाई नहीं दिया।
रीना के मायके कबलाना में पसरा मातम
झज्जर। झज्जर के कबलाना गांव में भी मातम पसरा हुआ है। रीना झज्जर के कबलाना गांव की बेटी थी। मायका गांव के अस्पताल को जाने वाले जोहड़ के नजदीक था। पिता का भी कई साल पहले देहांत हो चुका है। परिवार मटके बनाने का काम भी करता है। रीना का भाई संदीप रेहड़ी के जरिए मिट्टी व सामान डालने का काम करता है जबकि दूसरा भाई पेंटर का काम करता है। उसका चचेरा भाई रवि प्राइवेट काम करता है। सरपंच ने बताया कि संदीप का परिवार बेहद गरीब है। उसने बताया कि रीना के भाई संदीप का एक हाथ बीमारी के चलते खराब हो गया था। संवाद