लाखनमाजरा से हिमांशु के अपहरण, 22 लाख रुपये की फिरौती मांगने व हत्या करने का मामला पेचीदा बनता जा रहा है। परिजनों ने रविवार को करीब एक घंटे जाम लगाकर आरोपियों की गिरफ्तारी, कंकाल की पहचान व केस में अपहरण की धारा जोड़ने की मांग उठाई।
आईजी केके राव ने फोन पर हुई बातचीत में तीन दिन का समय मांगते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस पर जाम खोला गया। इस दौरान महम के विधायक बलराज कुंडू भी मौजूद रहे। इधर, पुलिस की टीम ने कंकाल के हिस्सों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। यहां से उन्हें मृतक की पहचान को लेकर इन्हें डीएनए जांच के लिए भेजने का फैसला लिया गया। फिलहाल पुलिस इस मामले में कुछ भी कहने से बच रही है। इसके बाद सभी जींद के हथवाला में मिले कंकाल के पोस्टमार्टम के लिए पीजीआई के शवगृह पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने मामले की गंभीरता देखते हुए इन्हें डीएनए जांच के लिए भेजने का फैसला लिया। इसके बाद ही शव की वैज्ञानिक तौर पर पुष्टि हो पाएगी। वहीं सट्टा खेलकर 25 लाख की रकम जुटाए जाने की चर्चा रही। इसी रकम के बंटवारे के लिए पूरा घटनाक्रम रचा गया, ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं।
थाना प्रभारी लाइन हाजिर
हिमांशु के परिजनों ने पुलिस पर आरोपियों से मिलीभगत का आरोप लगाया है। एसपी के निर्देश पर थाना प्रभारी को लाइन हाजिर किया गया है। हिमांशु का तीन अगस्त को अपहरण कर 22 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई थी। इसके लिए 10 अगस्त को सोशल मीडिया पर मैसेज भेजा गया था। इस संबंध में एसपी को शिकायत भी दी गई थी। इसके बावजूद पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। पुलिस को 26 अगस्त को हिमांशु का शव जींद के हथवाला गांव के खेतों के पास झाड़ियों में होने की सूचना मिली। यहां पुलिस को मानव कंकाल की खोपड़ी और कुछ हड्डियां ही मिलीं। यहीं पास में उसके कपड़े और बाइक पड़ी मिली। कड़ा भी मिला। इन चीजों से परिजनों ने कंकाल हिमांशु का होने का दावा किया। हालांकि पुलिस ने इसकी वैज्ञानिक तौर पर पुष्टि के लिए डीएनए की तैयारी की है।