रोहतक। बांसुरी की स्वर लहरियों की गूंज सोमवार को महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय का टैगोर सभागार गुंजायमान होकर रंग सुर को जीवंत बना गई। रंग महोत्सव मेगा इवेंट के संगीतमय रंग- रंग सुर में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त बांसुरी वादिका शुचिस्मिता आचार्य ने बांसुरी वादन से उपस्थित जन को मोह लिया। प्रतिष्ठित कलाकार दीपक शाह ने की-बोर्ड पर तथा नवोदित कलाकार रॉकी वर्मा ने ओक्टो पैड पर संगत दी।
शुचिस्मिता आचार्य ने डांस ऑफ द बटरफ्लाई म्यूजिक कंपोजिशन से बांसुरी वादन की शुरूआत की। रंग हंस ध्वनी पर आधारित इस संगीत रचना में तितलियों की खूबसूरत उड़ान सरीखा संगीतमय आभास शुचिस्मिता ने बांसुरी वादन से दिया। शास्त्रीय राग आधारित रचनाओं समेत बॉलीवुड के हिट गीतों को बांसुरी की धुन पर उतारकर शुचिस्मिता आचार्य ने उपस्थित जन को खूब लुभाया।
प्रसिद्ध बांसुरी वादक पं हरिप्रसाद चौरसिया की शिष्या रही शुचिस्मिता आचार्य के बांसुरी वादन में शीतल हवा का झोंका सरीखा अहसास, संगीत की दिव्य अनुभूति तथा दिल को सुकून का सुखद अहसास रहा। बॉलीवुड के लोकप्रिय गीतों को बांसुर की सुर लहरियों में शुचिस्मिता ने जीवंत कर दिया। एमडीयू कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने कहा कि प्रतिष्ठित बांसुरी कलाकार शुचिस्मिता आचार्य का बांसुरी वादन रूह तक उतर गया। संगीत जीवन में खूबसूरत रंग भरता है। भविष्य में भी एमडीयू में संगीत कार्यक्रमों का आयोजन कर गायन-वादन को प्रोत्साहन दिया जाएगा। आभार प्रदर्शन निदेशक युवा कल्याण डाॅ. जगबीर राठी ने किया। मंच संचालन संगीत विभाग के शोधार्थी रवि ने किया।
एमडीयू की प्रथम महिला एवं भारतीय पुनर्वास परिषद की अध्यक्षा डाॅ. शरणजीत कौर बतौर विशिष्ट अतिथि उपस्थित रही। कार्यक्रम में रंग महोत्सव संयोजक डीन, स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. रणदीप राणा, पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यक्ष प्रो. हरीश कुमार, निदेशक जनसंपर्क सुनित मुखर्जी, सहायक निदेशक युवा कल्याण डाॅ. प्रताप राठी, कैलाश वर्मा, मुकेश वर्मा, अशोक वर्मा, डाॅ. आनंद शर्मा समेत विद्यार्थीगण, संगीत प्रेमीजन उपस्थित रहे।