झज्जर। अगस्त में हुई बारिश से जहां आम जनता को गर्मी से राहत मिली, वहीं शहर में सड़कों की हालत खराब हो गई है। शहर के एक-दो मार्गों को छोड़कर अन्य सड़कों पर छोटे-बडे़ गड्ढे बन गए हैं। इससे वाहन चालकों को आने-जाने में परेशानी होती है। हिचकोले खाने को विवश हैं।
सबसे ज्यादा दयनीय हालत बर्फखाना रोड, बहादुरगढ़ रोड, बैंक रोड की है। यहां पर गहरे गड्ढे बने गए हैं। बहादुरगढ़ रोड पर पीडब्ल्यूडी ने गड्ढों को रोड़ों भरने का काम किया, लेकिन इससे वाहनों को नुकसान पहुंच रहा है। रोड़े ऊपर-नीचे होने के कारण कई वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त भी हो चुके हैं। इन सड़कों की हालत इतनी खराब है कि बारिश हुए कई दिन बीतने के बाद भी अब भी पानी जमा है।
छिकारा चौक से यादव धर्मशाला तक
छिकारा चौक से यादव धर्मशाला तक लगभग 900 मीटर का रोड है। इस रोड पर सबसे ज्यादा गड्ढे हैं। बर्फखाना रोड पर ही छोटे-बड़े 100 से अधिक गड्ढे बने हुए हैं। ब्रेकर टूटकर अलग हो चुके हैं और उनमें गैप आ चुका है। दुपहिया वाहन चालक इन गड्ढों में गिर भी चुके हैं। बारिश के दिन में ये गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे हादसे होने का खतरा बना रहता है।
छिकारा चौक से धौड़ चौक की हालत खराब है। सड़क उखड़ चुकी है और उनमें गड्ढे बने हुए हैं। लगभग 400 मीटर लंबे इस रोड पर भी 60-70 छोटे-बडे़ गड्ढे हैं। इसी रोड पर भाजपा नेता एवं पूर्व मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ का कार्यालय भी है। बारिश के दिनों में रोड की हालत बदत्तर हो जाती है। सड़क पर गड्ढे होने से वाहन चालकों को निकलने में दिक्कत आती है।
इंसेट
सिलानी गेट से अग्रसेन चौक तक मार्ग जर्जर
सिलानी गेट से अग्रसेन चौक तक सड़क टूटी हुई है। इसकी हालत सबसे ज्यादा खराब है। यहां से वाहन गुजरते समय दुकानों में कंपन महसूस होता है। अग्रसेन चौक के पास रोड़े डालने के बावजूद हालात ज्यादा खराब हैं।
इंसेट
झज्जर से बहादुरगढ़ तक जाने वाला मुख्य मार्ग दयनीय
झज्जर से बहादुरगढ़ तक जाने वाले मुख्य मार्ग की हालत सबसे ज्यादा दयनीय है। बारिश के दौरान यहां पर एक से दो फीट गहरे गड्ढे हो गए थे। पिछले दिनों ही पीडब्ल्यूडी ने यहां गड्ढों को भरवाया है, लेकिन कई जगह से रोड़ियां निकल चुकी है। इससे हादसे होने का खतरा बना रहता है। हाल ही में सरकार ने इस रोड के लिए 20 करोड़ मंजूर किए हैं, लेकिन आचार संहिता लगने से मरम्मत का काम शुरू नहीं हो पाएगा।