कारोर की छाजू और छिप्पी गैंग में चल खूनी रंजिश के बीच दूसरी पीढ़ी मैदान में आ गई है। छाजू गैंग की कमान गांव के पूर्व सरपंच श्रीभगवान के बेटे 21 साल के जतिन ने संभाली ली है। उसने दोस्ती के दम पर मोहित हत्याकांड को अंजाम दिया। इस काम में उसको फरीदाबाद के प्रशांत उर्फ अंशुल व टिटौली के रोहित उर्फ मोटा का साथ मिला।
पुलिस रिकार्ड के मुताबिक 22 साल से कारोर में खूनी रंजिश चल रही है। अब तक 19 से ज्यादा लोगों की हत्या हो चुकी है। इसमें छाजू गैंग के 9 और अनिल छिप्पी गैंग के छह लोग भी शामिल हैं। एक थप्पड़ से शुरू हुई रंजिश के चलते 2011 में गांव के पूर्व सरपंच श्रीभगवान व उसके भाई दिलबाग सिंह की रोहतक से भौंडसी जेल ले जाते समय झज्जर के पास पुलिस वैन में हत्या कर दी गई थी। उस समय मोहित हत्याकांड के मास्टरमाइंड जतिन की उम्र मात्र 11 साल थी।
2018 में उसके चाचा आनंदपाल की हत्या कर दी गई। चाचा की हत्या के बाद जतिन को उसकी मां अपने मायके टिटौली गांव में ले गई। वहां जतिन की बचपन में ही टिटौली निवासी रोहित उर्फ मोटा व सोनू के साथ हो गई। इसी बीच जतिन गैर कानूनी गतिविधियों में शामिल हो गया। 2022 में सीआईए स्टाफ ने स्नेचिंग के आरोप में जतिन व उसके दो साथियों को काबू किया। साथ ही तीन गैर लाइसेंसी हथियार भी मिले थे। उसे फरीदाबाद की बोस्टल जेल में भेज दिया गया। वहां फरीदाबाद निवासी प्रशांत उर्फ अंशुल से दोस्ती हो गई।
इंस्टाग्राम से किया संपर्क, चार दिन पहले आए गए थे गांव में
मोहित हत्याकांड के मास्टर माइंड जतिन का ज्यादातर परिवार बाहर रहता है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि कई दिन से जतिन आनंदपाल हत्याकांड में रैकी के आरोपी मोहित की हत्या करने की फिराक में था, लेकिन उसे साथ नहीं मिल रहा था। उसने इंस्टाग्राम पर दोस्त प्रशांत से संपर्क किया। साथ ही बचपन के दोस्त टिटौली निवासी रोहित और सोनू को बुला लिया। चारों दिवाली के दिन सुबह से ही मोहित की तलाश में थे। दोपहर उसे बाइक पर आते देखकर कुम्हारों वाली गली के पास उसकी गोलियों से भूनकर हत्या कर दी। आरोपी दो अन्य युवकों की और तलाश में थे, लेकिन मौका नहीं मिल पाया।
गुरुग्राम से अलग हुए चारों आरोपी
पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी जतिन, प्रशांत, रोहित व सोनू दो बाइक पर पहले झज्जर और फिर गुरुग्राम पहुंचे। वहां से प्रशांत व रोहित तो दिल्ली में जाकर छुप गए, जबकि जतिन व सोनू वृंदावन चले गए। इसी बीच सीआईए प्रथम को भनक लग गई और दिल्ली में दबिश देकर प्रशांत और रोहित को दबोच लिया।
आसपास के गांवों सरपंचों के साथ बैठक करेंगे एसपी
डीएसपी राकेश ने बताया कि कारोर गांव में शांति स्थापित करने व रंजिश को खत्म करने के लिए आसपास के गांवों के सरपंचों के साथ जल्द एसपी हिमांशु गर्ग बैठक करेंगे। इसके लिए जल्द गांव का भी दौरा किया जाएगा। साथ ही सभी आरोपियों की गिरफ्तारी तक गांव में पुलिस तैनात रहेगी।