रोहतक। लिपिकों ने रविवार अपनी मांगों को लेकर लघु सचिवालय के बाहर धरनास्थल पर सरकार की वादा खिलाफी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर तहसीलदार मनोज कुमार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। राज्य क्लेरिकल एसोसिएशन वेलफेयर सोसाइटी के आहवान पर यह सांकेतिक धरना व प्रदर्शन किया गया। जिसमें सभी विभागों के लिपिकों ने बढ़चढ़ कर अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। सरकार द्वारा जल्द मांगों पर सहमति न बनाए जाने पर बड़े स्तर पर आंदोलन करने की चेतावनी दी।
जिला प्रधान संदीप दांगी ने बताया कि 15 अगस्त को मुख्यमंत्री मनोहर लाल और क्लेरिकल एसोसिएशन वेलफेयर सोसाइटी के मध्य बातचीत हुई। जिसके तहत मुख्यमंत्री ने लिपिकीय वर्ग की कार्य समीक्षा के आधार पर वेतनमान निर्धारित करने के लिए पांच सदस्यीय टीम बनाने की घोषणा की। साथ-साथ उनके हड़ताल के 42 दिनों को ड्यूटी अवधि में मानने की बात कही। लेकिन सरकार ने 12 दिन बीत जाने के बाद भी अपने नो वर्क नो पे के आदेश को अभी तक वापिस नहीं लिया है। जिससे लिपिकीय वर्ग में भारी रोष है। सरकार जल्द से जल्द नो वर्क नो पे के आदेश को रद्द करते हुए हड़ताल के 42 दिन के समय को ड्यूटी में मानें और लिपिकीय वर्ग का 42 दिन का रोका हुआ वेतन जारी करने का आदेश दें।
लिपिकों की 42 दिन ड्यूटी नहीं मानी तो होगा अनिश्चितकालीन धरना
जिला प्रधान संदीप दांगी ने बताया कि यदि सरकार हड़ताल के इन 42 दिनों की ड्यूटी नहीं मानती है तो लिपिकीय वर्ग एक बार फिर अनिश्चितकालीन धरने को आगे बढ़ाने पर मजबूर होगा। इससे सरकार को होने वाले राजस्व और सरकारी काम काज न होने से जनता काे आने वाली परेशानी के लिए सिर्फ और हरियाणा सरकार जिम्मेदार होगी।