बंदरों के भय से छत से कूदने के कारण बच्चे के टूटे पैर। संवाद
शहर में बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। वार्ड दो व नौ में महिलाओं को बंदरों ने काट लिया है। फरमाना चुंगी वार्ड आठ निवासी 11 वर्षीय बच्चे पीयूष को बंदरों ने घेर लिया। किशोर ने बंदरों से बचने के लिए छत से नीचे छलांग लगा दी, जिससे उसके दोनों पैरों की हड्डियां टूट गईं। उसका हिसार के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
शहर के चौराहों पर गोवंशों की भीड़ व बंदर जानलेवा बने हुए हैं। इनकी तादाद इतनी बढ़ चुकी है कि आए दिन हादसे हो रहे हैं। सड़क पर चलना व घरों में रहना तक मुश्किल हो गया है। फरमाना चुगी, दहरा ग्राउंड, सैमाण चुंगी, भिवानी स्टैंड, क्रांति चौक व किशनगढ़ क्षेत्र सहित अन्य कई जगहों पर राह चलना मुश्किल हो गया है। नगर पालिका इस संबंध में अपनी कोई जिम्मेदारी नहीं निभा रही है। घरों में हर रोज बंदरों के काटने की घटनाएं हो रही हैं। स्थानीय लोगों की मांग है कि बंदरों न गोवंश को उचित स्थान पर छुड़वाया जाए।
नगरपालिका प्रधान गईं मायके, कौन संभाले जिम्मेदारी
नगरपालिका प्रधान भारती पंवार इन दिनों अपने मायके में हैं। वह 30 अगस्त तक वहीं रहेंगी। पति योगेश पंवार ने बताया कि भारती की मां की तबीयत खराब होने के कारण वह अभी कुछ दिन मायके में ही रहेंगी। उन्होंने कहा कि कि गोवंश को सड़कों से हटाने व बंदरों को उचित स्थान पर छुड़वाने के लिए हाउस की बैठक में निर्णय लिया जाएगा। वहीं उप प्रधान बसंत लाल गिरधर का कहना है कि इस संबंध में एजेंडा तैयार किया जा रहा है। इस बारे में बार-बार शिकायतें आ रही हैं।