रोहतक। जाट कॉलेज अखाड़ा हत्याकांड में ढाई साल के मासूम सरताज का इलाज करने वाले पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (पीजीआईएमएस) के दो डॉक्टरों की सोमवार को एएसजे डॉक्टर गगनगीत कौर की अदालत में गवाही हुई। डॉक्टर संदीप व डाॅक्टर विशाल ने अदालत को बताया कि सरताज के सिर में गोली लगी थी। एक पैनल ने उसका उपचार किया। साथ में एमएलआर काटी गई।
बता दें कि कोमा चले जाने पर परिजन सरताज को गुरुग्राम ले गए, जहां उसकी मौत हाे गई। अब मामले में अगली सुनवाई 24 अप्रैल को होगी। आरोपी कोच सुखविंदर को वीसी सिस्टम से अदालत में पेश किया गया।
यह था मामला
पीड़ित पक्ष के वकील जय हुड्डा ने बताया कि फरवरी 2021 में जाट कॉलेज अखाड़ा में छह लोगों को गोली मारी गई थी। अखाड़े के मुख्य कोच मनोज मलिक, उनकी पत्नी साक्षी मलिक, मांठोडी निवासी कोच सतीश, मोखरा निवासी प्रदीप व मथुरा निवासी महिला पहलवान पूजा तोमर की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि मुख्य कोच मनोज के चार वर्षीय बेटे सरताज ने बाद में दम तोड़ दिया था। वहीं, घायल निडाना निवासी अमरजीत को समय रहते परिजन गुरुग्राम ले गए, जिससे उसकी जान बच गई थी। मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अखाड़े के ही कोच सुखविंदर को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में खुलासा हुआ था कि सुखविंदर उत्तर प्रदेश से हथियार लेकर आया था। इसमें उसकी मदद मुजफ्फरनगर के रिटायर फौजी मनोज ने की थी। सुखविंदर जहां न्यायिक हिरासत के चलते जेल में बंद है, वहीं मनोज को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी।