फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rohtak News: पीजीआईएमएस के प्रोफेसर, कर्मचारी सहित दस नए कोरोना संक्रमित

विज्ञापन
विज्ञापन
रोहतक। पीजीआईएमएस के प्रोफेसर व कर्मचारी सहित जिले में मंगलवार को दस नए कोरोना संक्रमित मरीजों की पुष्टि हुई। संस्थान में एक प्रोफेसर के संक्रमित पाए जाने पर हड़कंप मच गया है। डॉक्टर के संपर्क में आए स्टाफ व मरीजों के सैंपल लिए जा रहे हैं। वहीं प्रशासन ने संस्थान में कोविड की सुरक्षा गाइडलाइन को सख्ती से पालन के निर्देश दिए हैं। वहीं डॉक्टर ओपीडी की संख्या सीमित करने की मांग करने लगे हैं। क्योंकि सोशल डिस्टेंसिंग के लिए ओपीडी की संख्या सीमित करना आवश्यक हो गया है।
विज्ञापन

संस्थान में प्रतिदिन 10 हजार के करीब मरीजों व उनके सहायकों का आवागमन होता है। ऐसे में सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करवाना सहज नहीं है। मंगलवार को जिले में दस नए संक्रमितों की पुष्टि हुई है। इसमें पांच गृहणि, दो बुजुर्ग, एक-एक डॉक्टर, छात्र व कैंपस का कर्मचारी हैं। चिंता का विषय है कि दस मरीजों में दो मरीज ग्रामीण क्षेत्र से हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है कि ग्रामीण क्षेत्र में भी संक्रमण पहुंच गया है। जबकि पहले संक्रमण फैलने की दर शहरी क्षेत्र में अधिक होती थी। वहीं स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या 72 पहुंच गई है। मंगलवार को एक मरीज को होम आइसोलेशन से फ्री किया गया है। विभाग को अभी जिले के 361 सैंपल की जांच रिपोर्ट आने का इंतजार है। गौरतलब है कि जिले में कोरोना के कुल मरीजों की संख्या 33312 हो गई है और इसमें से 578 उपचार के दौरान दम तोड़ चुके हैं।

ओमिक्रोन के नए वेरिएंट एक्सबीबी 1.16 की आशंका
पीजीआईएमएस के कम्यूनिटी मेडिसिन के प्रोफेसर डॉ. रमेश वर्मा ने बताया कि उत्तर भारत में ओमिक्रोन का नया वेरिएंट एक्सबीबी 1.16 फैल रहा है। यही वेरिएंट जिले में भी हो सकता है। इसके लिए जीन सिक्वेंसिंग की जा रही है। पीजीआईएमएस स्वयं जांच करने के साथ सैंपलों को एमडीयू की वायरोलॉजी लैब व इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च आईसीएमआर लैब दिल्ली भी भेजता है।
विज्ञापन


डेंटल कॉलेज में संक्रमण का अधिक खतरा
पीजीआईएमएस में सबसे अधिक संक्रमण का खतरा पीजीआईडीएस में है। यहां प्रतिदिन 700 के करीब अपने दांतों का उपचार कराने आते हैं। यहां नेत्र विभाग की तरह मरीज के अधिक नजदीक आकर मरीजों की जांच करनी होती है। इसके साथ ही यहां की सक्शन मशीन से संक्रमण होने का खतरा भी बना रहता है। हालांकि एहतियात के तौर पर यहां के डॉक्टर पूरे सुरक्षा इंतजाम के साथ मरीजों की जांच कर रहे हैं।

मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। लोगों से अपील है कि वह सुरक्षा गाइडलाइन को फॉलो करें। यदि मरीजों की संख्या लगातार बढ़ेगी तो प्रशासन उसी हिसाब से अगले कदम उठाएगा। संक्रमण से घबराने की नहीं जागरूक रहने की जरूरत है।
- डॉ. अनिल बिरला, सिविल सर्जन
संस्थान में आने वाले मरीजों को स्वयं अलर्ट होना चाहिए। ओपीडी में व अन्य स्थानों के लिए सुरक्षा गार्डों को कहा जाएगा कि वह जनता को नियमों की पालना करने को कहें।
विज्ञापन

- डॉ. वरुण अरोड़ा, जनसंपर्क अधिकारी, पीजीआईएमएस
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें