झज्जर। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की बारहवीं कक्षा की मार्किंग का काम पिछले कई दिनों से सनराइज स्कूल में चल रहा है। बोर्ड द्वारा मार्किंग ड्यूटी में लगभग 130 से अधिक स्टाफ की ड्यूटी लगाई हुई है, लेकिन स्कूल में पर्याप्त बैंच न होने के कारण शिक्षकों को जमीन पर दरी बिछाकर मार्किंग का काम करना पड़ रहा है। जो बैंच दिए गए हैं, वह भी छोटी कक्षाओं के हैं। इन पर शिक्षक आराम से नहीं बैठ पाता। इसके अलावा स्टॉफ के लिए पानी की भी दिक्कत है। पर्याप्त पंखे भी नहीं हैं।
इन समस्याओं को लेकर स्टाफ व हरियाणा स्कूल लेक्चरार एसोसिएशन की तरफ से बोर्ड से शिकायत की गई। शिकायत मिलने पर वीरवार को बोर्ड की दो अलग-अलग टीमों ने स्कूल का दौरा किया। टीम ने स्टॉफ से बातचीत भी की, जिसमें कई स्टाफ सदस्यों ने अपनी समस्या बताई। वहीं स्कूल नियंत्रक ने भी माना कि उनके पास बैंचों की कमी है और पानी की भी पूरी व्यवस्था नहीं है।
बोर्ड की तरफ से सुबह के समय डिप्टी सुपरिटेंडेंट शिव कुमार और दोपहर को चेयरमैन फ्लाइंग कन्वीनर अनिल कुमार पहुंचे और स्टाफ से बातचीत कर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। चेयरमैन फ्लाइंग कन्वीनर अनिल कुमार ने मौके पर बोर्ड अधिकारियों से बातचीत की और कुछ विषयों के स्टॉफ का मार्किंग सेंटर दूसरे निजी स्कूल में शिफ्ट करने को कहा, ताकि यहां समस्या खत्म हो सके। वहीं स्कूल प्रशासन की तरफ से भी कुछ विषयों के स्टाफ को दूसरे स्कूल में शिफ्ट करने के लिए बोर्ड को पत्र लिखा गया।
कुछ विषयों के स्टॉफ को किया गया शिफ्ट
स्कूल प्रिंसिपल एवं सेंटर नियंत्रक रवि यादव ने कहा कि उनकी तरफ से बोर्ड को पत्र लिखा गया था, जिसमें कुछ विषयों के स्टाफ को दूसरे स्कूल में शिफ्ट करने की मांग की गई थी ताकि व्यवस्था बनी रही। आज बोर्ड की टीम आई थी। कुछ विषयों के स्टाफ को न्यूटन स्कूल में मार्किंग के लिए शिफ्ट कर लिया गया है। कॉपी भी भेज दी गई हैं। शुक्रवार को वहां पर भी मार्किंग का काम होगा।
दरी पर बैठकर उत्तर पुस्तिकाओं की जांच करने के लिए मजबूर अध्यापक
हसला के राज्य प्रधान सतपाल सिंधु का कहना है कि सनराइज हाई स्कूल के मार्किंग सेंटर पर कार्यरत प्रवक्ताओं की तरफ से शिकायत मिली थी कि वहां मार्किंग कार्य के लिए अधूरी व्यवस्थाएं हैं, जिसमें मुख्यतः अंकन कार्य के लिए बेंच उपलब्ध न होना, पीने का पानी व बिजली की समस्या थी। जब मार्किंग सेंटर पर जाकर देखा तो कई विषयों के प्रवक्ता दरी पर बैठकर उत्तर पुस्तिकाएं जांच रहे थे और बैठने के लिए उपलब्ध करवाए गए बेंच भी छोटी कक्षाओं से संबंधित थे। मार्किंग सेंटर के नियंत्रक ने बताया कि उन्होंने केवल डिजिटल मार्किंग के लिए दो कमरों के लिए सहमति दी थी, लेकिन अब बोर्ड के द्वारा लगभग 150 अध्यापकों की ड्यूटी लगा दी है, इतने अध्यापकों के लिए व्यवस्थाएं करना मुश्किल है। इसे लेकर तुरंत बोर्ड अधिकारियों को अवगत करवाया गया। बोर्ड अधिकारियों ने तुरंत संज्ञान लेते हुए मार्किंग सेंटर पर उपस्थिति दर्ज करवाते हुए कुछ विषयों की उत्तर पुस्तिकाओं को अन्य किसी विद्यालय में भिजवाने का आश्वासन दिया है।
18jjrp19 झज्जर में स्थित सनराइज स्कूल में दरी पर बैठ कर 12़ वी के पेपर चेंक करते हुए शिक्षक