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Rohtak News: जलघरों के टैंक सूखे, गहराया जल संकट

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नहरी टर्म पर भरे गए इलाके के 58 जलघरों के टैंक खाली हो चुके हैं और इसके चलते इलाके में पेयजल संकट गहराया हुआ है। शहर के दोनों जलघरों के टैंकों में भी पानी तलहटी में पहुंच चुका है। दो सूख चुके हैं। जन स्वास्थ्य विभाग ट्यूबवेल से पानी की आपूर्ति कर रहा है। दो लाख की आबादी इस समय पेयजल संकट झेल रही है। नहरों में पानी पहुंचने के बाद ही उन्हें पेयजल संकट से राहत मिलने की उम्मीद है।
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इस समय कस्बे और गांवों में ट्यूबवेल का पानी सप्लाई किया जा रहा है। इसको लोग किसी भी काम में इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। वहीं, सिंचाई विभाग का तर्क है कि नहरों में पानी आते ही जन स्वास्थ्य विभाग से तालमेल कर जलघरों और तालाबों को प्राथमिकता से भरा जाएगा।
इस बार नहरों में पानी की टर्म ठीक न होने से इलाके के जलघरों में अब पानी खत्म हो गया है। शहर के दोनों जलघरों के चारों वाटर स्टोरेज टैंक खाली हो चुके हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के जलघरों की भी यही स्थिति है। गर्मी में पेयजल को लेकर अब हालात खराब होने लगे हैं। मजबूरी वश शहरवासी इस समय पानी के टैंकर व कैंपर खरीदने को विवश हैं। इस समय विभाग दस ट्यूबवेलों से कस्बे में पानी की आपूर्ति कर रहा है। शहर में नियमित पेयजल आपूर्ति न होना भी बड़ी समस्या है।
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कम भंडारण क्षमता के चलते बन रहा पेयजल संकट
शहर में पानी की स्टोरेज क्षमता कम है और इस वजह से समय-समय पर पानी का संकट बना रहता है। शहर के लिए कम से कम एक माह की स्टोरेज क्षमता होनी चाहिए, तब जाकर पानी की किल्लत दूर हो सकती है। विभाग ने पेयजल स्टोरेज क्षमता बढ़ाने के लिए नए वाटर टैंक निर्माण की योजना तैयार कर रखी है, लेकिन वो अभी कागजों तक सीमित है।
लोग बोले
450 से 500 रुपये में खरीद रहे पानी के टैंकर
मोहन, रविंद्र, सतीश, नरेंद्र, रवि, सुनीता और सावित्री आदि ने बताया कि पेयजल संकट गहराने से उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मजबूरी वश 450 से 500 रुपये देकर टैंकरों को खरीदना पड़ रहा है। घरों में एक सप्ताह में एक टैंकर पानी की खपत है।
नहरों में पानी पहुंचते ही सभी जलघरों और तालाबों को प्राथमिकता से भर दिया जाएगा। हमारी टीमें लगातार साइटों का निरीक्षण भी करेंगी। इंडेंट हम भेज चुके हैं और जल्द ही नहरों में पानी आने की उम्मीद हैं। लोग व्यर्थ पानी न बहाए। - अनिल कुमार, एसडीओ, सिंचाई विभाग।
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