रोहतक। स्वामी इंद्रवेश विद्यापीठ, टिटौली में वीरवार को आयोजित 18वें चतुर्वेद पारायण महायज्ञ के 12वें दिन का कार्यक्रम श्रद्धा और भव्यता के साथ संपन्न हुआ। अनेक विद्वानों और भजन उपदेशकों ने अपने विचार प्रस्तुत किए और वैदिक संस्कृति की महत्ता पर प्रकाश डाला। इस बीच आर्य समाज स्थापना के 150 पूर्ण होने के अवसर पर 7 मार्च से 9 मार्च तक चलने वाले अंतरराष्ट्रीय विद्वत महासम्मेलन का उद्घाटन स्वामी रामदेव करेंगे। महासम्मेलन की अध्यक्षता आर्य प्रतिनिधि सभा के सर्वोच्च नेता स्वामी आर्यवेश करेंगे। कार्यक्रम में दक्षिण अफ्रीका से पधारी पंडिता विजय लक्ष्मी ने कहा कि हम आज भी आर्य समाज की बदौलत वैदिक संस्कृति से जुड़े हुए हैं। उन्होंने महर्षि दयानंद सरस्वती के योगदान को रेखांकित करते हुए बताया कि किस प्रकार आर्य समाज ने भारत ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में भारतीय संस्कृति व सामाजिक सुधार की अलख जगाई। संवाद