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Rohtak News: पेय पदार्थ कंपनी के सुपरवाइजर ने लगाया फंदा, सुसाइड नोट में लिखा- अच्छा बेटा नहीं बन पाया

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रोहतक। आईएमटी क्षेत्र स्थित पेय पदार्थ की बहुराष्ट्रीय कंपनी के एक सुपरवाइजर ने पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को उतारा और पोस्टमार्टम के लिए पीजीआई भेजा। उधर, पुलिस ने घटना की सूचना परिजनों को भी दी। घटनास्थल से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। युवक की पहचान भिवानी के कुंगड़ भैणी जाटान निवासी रविंद्र (24) के रूप में हुई है।
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बाबा मस्तनाथ विवि के गेट नंबर तीन के सामने पीजी में रहने वाले रविंद्र आईएमटी क्षेत्र की बहुराष्ट्रीय कंपनी में लोडिंग सुपरवाइजर थे। वह करीब एक साल से रोहतक में नौकरी कर रहे थे। वीरवार को रविंद्र ड्यूटी पर नहीं गए। रात को रविंद्र ने पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। उसने सुसाइड नोट में अपनी मौत के लिए स्वयं को जिम्मेदार ठहराया है।
सुबह जब रूम पार्टनर 6 बजे ड्यूटी से लौटे तो रविंद्र ने दरवाजा नहीं खोला। कई बार आवाज देने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उसने खिड़की से कमरे में देखा तो रविंद्र फंदे पर लटक रहा था। उसने डायल-112 पर कॉल कर सूचना दी। थाने से इंस्पेक्टर दिलबाग सिंह और सब इंस्पेक्टर विनोद कुमार मौके पर पहुंचे। जांच पड़ताल के दौरान उनको एक सुसाइड नोट मिला। कमरे से फोन को भी कब्जे में लेकर जांच पड़ताल की। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और परिजनों को सूचना दे दी।
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वर्जन
रविंद्र कुमार बहुराष्ट्रीय कंपनी में बतौर लोडिंग सुपरवाइजर के रूप में काम करते थे। मस्तनाथ विवि गेट नंबर तीन के सामने पीजी में अन्य एक युवक के साथ रहते थे। घटना के समय रूम पार्टनर डयूटी से लौटा तो दरवाजा न खोलने पर आत्महत्या की जानकारी मिली। एक सुसाइड नोट मिला है, इसमें अपनी मौत का स्वयं को जिम्मेदार बताया है।
दिलबाग सिंह, निरीक्षक थाना प्रभारी आईएमटी।

इतना बड़ा दुख नहीं देना चाहता था आपको
रोहतक। मम्मी-पापा मैं आपका अच्छा बेटा नहीं बन पाया हूं। इसलिए इस दुनिया से विदा ले रहा हूं। आपको इस तरह का गहरा दुख नहीं देना चाहता था, लेकिन आप दोनों को और नानी को इस दुख को सहने की भगवान शक्ति दे। मगर इसके अलावा मेरे सामने कोई रास्ता नहीं है। रविंद्र ने अपने बड़े भाई से सुसाइड नोट में अपील की है कि वह मम्मी-पापा और नानी का ख्याल रखे। जो काम उसे स्वयं करना था, अब आपको करना होगा।
घर में नहीं थी किसी तरह की परेशानी : चाचा
रविंद्र के चाचा राज सिंह ने बताया कि उनके परिवार में किसी तरह की कोई परेशानी नहीं थी। लगभग रोजाना ही रविंद्र से परिजनों की बात होती थी। वह इतना दुखी है, कभी उसने बताया नहीं। यदि उसे किसी तरह की समस्या थी, तो बताता। मगर उसने नासमझी में ऐसा कदम उठा लिया। अब पूरा परिवार उसे जीवन भी नहीं भूल पाएगा। रविंद्र की एक बहन और एक भाई है।
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