जाट कॉलेज हत्याकांड में गोली लगने से घायल हुए अमरजीत को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद देव कॉलोनी
जाट कॉलेज अखाड़ा हत्याकांड में गोली से घायल हुए कोच अमरजीत रविवार को 10 दिन बाद सीधा अखाड़े में पहुंचे। अखाड़े में पहुंचते ही वे भावुक हो गए। अखाड़े की चौखट पर मत्था टेका, मिट्टी को चूमकर भगवान का शुक्रिया किया और गले लगकर साथियों से मिले। कोच अमरजीत के मुंह में गोली लगी थी जो आरपार हो गई थी। गुुरुग्राम में उनका इलाज चल रहा था। हालत में सुधार होते ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिली व वे सीधा अखाड़ा पहुंचे। अमरजीत ने बताया कि उन्हें कभी भी ऐसा नहीं लगा कि सुखविंदर के अंदर उनके खिलाफ इतनी नफरत है। सामान्य ही रहता था। वारदात की शाम को भी उसने जब मुझे बुलाया तो बिल्कुल सामान्य था। जबकि इससे पहले वह मनोज समेत पांच लोगों की हत्या चुका था। मुझे मारने के इरादे से गोली मारी थी, लेकिन हथियार दिखने के कारण मैं झटके से पीछे हुआ इस कारण गोली सिर की बजाय मुंह पर लगकर आरपार हो गई। एक थाली में खाने वाला सुखविंदर इतनी निर्दयी वारदात कर सकता है, ये कभी सोचा भी नहीं था। उसने आज तक के इतिहास में कुश्ती के खेल पर सबसे बड़ा कलंक लगाया है।