वकील की शिकायत पर तत्काल एफआईआर दर्ज न करने के मामले में सुखपुरा चौकी पर गाज गिर गई है। एसपी ने एएसपी की जांच रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए तत्कालीन चौकी प्रभारी एएसआई सन्नी सिंह व जांच अधिकारी एएसआई राजेश कुमार को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही विभागीय जांच के भी आदेश दिए गए हैं। शिवाजी कॉलोनी में तैनात पीएसआई कृष्ण कुमार को चौकी प्रभारी बनाया गया है।
प्रदेश के गृहमंत्री अनिल विज ने 12 अगस्त को जिला विकास भवन में जिला लोक संपर्क एवं परिवेदना समिति की बैठक ली थी। बैठक में सुखपुरा चौक के नजदीक पावर हाउस के पास रहने वाले एक वकील ने शिकायत दी थी कि उसके पीछे एक व्यक्ति छुरा लेकर दौड़ा। धमकी दी कि आज वकील का काम तमाम करूंगा। वह शिकायत देने सुखपुरा चौकी में गया, लेकिन पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया। गृहमंत्री ने बैठक में ही तत्काल केस दर्ज न करने पर पूरी चौकी को सस्पेंड करने के निर्देश दिए। इससे पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस अधिकारियों ने मामले को दोबारा गृहमंत्री के सामने रखा। तर्क दिया कि मामले की पहले जांच की जाए। इसके बाद जो दोषी मिलेगा, उस पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई करना उचित रहेगा। गृहमंत्री इस बात पर सहमत हो गए थे। एसपी ने मामले की जांच एएसपी कृष्ण कुमार लोहचब को दी गई। एएसपी ने 13 अगस्त को चौकी स्टाफ के बयान दर्ज किए थे। इसके बाद एसपी को भेज गई रिपोर्ट के आधार पर एसपी ने चौकी प्रभारी व जांच अधिकारी को सस्पेंड कर दिया।
पुलिस कर्मियों को सख्त हिदायत है कि शिकायत मिलते ही केस दर्ज कर जांच करें। अगर शिकायत झूठी है मिलती है तो एफआईआर रद्द की जा सकती है। साथ ही शिकायतकर्ता के खिलाफ झूठी शिकायत देने की कार्रवाई की जा सकती है। मामले में शिकायत मिलते ही केस दर्ज नहीं किया गया। लापरवाही बरतने पर जांच अधिकारी एएसआई राजेश व चौकी प्रभारी सन्नी सिंह को सस्पेंड कर विभागीय जांच के निर्देश दिए हैं।
उदय सिंह मीना, पुलिस अधीक्षक रोहतक