रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के छात्रावास नंबर 10 में दलिया में कीड़े मिलने पर विद्यार्थी भड़क गए। विद्यार्थी खाना छोड़कर छात्रावास के गेट पर पहुंचे। यहां ताला जड़कर रोष प्रदर्शन किया। करीब डेढ़ घंटे बाद वार्डन डॉ. प्रदीप के सात दिन में खराब राशन लौटाने और व्यवस्था दुरुस्त कराने के आश्वासन मिलने पर ताला खोला गया।
शुक्रवार दोपहर को छात्रावास नंबर दस के विद्यार्थी खाना खाने मैस पहुंचे। यहां कुछ विद्यार्थियों ने दलिया अपनी प्लेट में डाला तो उन्हें कीड़े नजर आए। इसके बाद पतीले में झांका तो विद्यार्थियों का गुस्सा फूट पड़ा। गुस्साए विद्यार्थी खाना छोड़कर छात्रावास के दरवाजे पर पहुंच और नारेबाजी करते हुए दरवाजे पर ताला लगा दिया। विद्यार्थियों ने अव्यवस्था को लेकर जमकर नाराजगी जताई।
इनसो के जिलाध्यक्ष प्रदीप शर्मा ने कहा कि एमडीयू प्रशासन अच्छी गुणवत्ता के नाम पर एक तरफ तो प्रशंसा बटोरने का काम कर रहा है, दूसरी तरफ अधिकारी विद्यार्थियों को बेहतर सुविधा व गुणवत्तापरक का खाना तक उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। यही वजह है कि खाने में कीड़े मिले। इससे विद्यार्थियों के बीमार होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।
इनसो जिलाध्यक्ष ने कहा कि मैस के लिए खरीदे जा रहे लाखों रुपये के सामान में घालमेल नजर आ रहा है। विश्वविद्यालय में परीक्षा चल रही हैं। विद्यार्थी कीड़ों वाला खाना खाएंगे तो बीमार हो सकते हैं। यह उनकी सेहत के साथ खिलवाड़ है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ये समस्याएं भी उठाईं
उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को छात्रावास में स्वच्छ पेयजल भी नहीं मिल रहा है। कहीं वाटर कूलर खराब हैं तो कहीं आरओ नहीं हैं। वाटर कूलरों की अरसे से सफाई नहीं हुई है। इनमें भरे जाने वाले पानी की गुणवत्ता भी जांची परखी नहीं जा रही है। इससे विद्यार्थी आहत हैं। यही नहीं, छात्रावास में वाइफाई सुविधा भी नहीं है। जबकि परीक्षा के समय विद्यार्थियों को इंटरनेट की जरूरत है। छात्रावास में पिछले डेढ़ साल से मैस सुपरवाइजर ही नहीं है।
इस मौके पर रोहित परमार, यश मालिक, मनीष राओ, लोकेश, प्रवेश, मयंक, रोहित यादव, सुमित, सुनील उगालन, साहिल लाठर व अन्य छात्र मौजूद रहे।
विश्वविद्यालय प्रशासन विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। जांच के बाद खराब राशन लौटाया जाएगा। एक सप्ताह में अन्य समस्याओं का भी समाधान करवा दिया जाएगा। -डॉ. प्रदीप, वार्डन, छात्रावास नंबर 10, एमडीयू