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फिल्मी दुनिया में है संघर्ष, किस्मत, कर्म और गुणों पर तय करता है सफर : अनंग देसाई

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सुपवा पहुंचे फिल्म अ​भिनेता अनंग देसाई। अमर उजाला
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रोहतक। सुपवा में शिक्षा ग्रहण कर रहे विद्यार्थियों में अच्छे स्तर के कलाकार हैं। अब इन्हें नाम कमाने व काम लेने के लिए मुंबई जाना होगा। हर काम में जैसे संघर्ष होता है, वैसे ही फिल्मी दुनिया में भी है। किसका कितना लंबा सफर होगा, यह उसकी किस्मत, कर्म व गुणों पर तय होगा। कब किसकी कहां किस्मत चमक जाए, कहा नहीं जा सकता। मेहनत तो सभी को करनी पड़ती है। क्षेत्रीय फिल्मों का विकल्प भी यहां के कलाकारों के लिए है। ओटीटी प्लेटफार्म में कलाकारों के बीच कांटे की टक्कर है, इसमें भाग्य आजमाया जा सकता है। यह बात फिल्म और टेलीविजन अभिनेता अनंग देसाई ने कही। वह दादा लख्मीचंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विश्वविद्यालय में फिल्म एंड टीवी विभाग की ओर से आयोजित कार्यशाला में पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि वह 80 से अधिक धारावाहिक में काम कर चुके हैं व खिचड़ी धारावाहिक और इस पर बनी फिल्म से उनकी खास पहचान बनी। इससे पहले हिंदी थियेटर में भी काम किया है। पॉजिटिव के साथ निगेटिव रोल भी किए। नए कलाकारों को भी काम से पीछे नहीं हटना चाहिए। मेरी शुरुआत एनएसडी से है और यही से कामयाबी की राह खुली। भविष्य की चिंता के चलते वकालत भी पढ़ी, लेकिन लक्ष्य कलाकार बनने का था।
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इन फिल्मों ने दिलाई पहचान :
उन्होंने बताया कि उनकी पहली फिल्म गांधी थी, जोकि 1982 में आई थी। रुस्तम, सूरज का सातवां घोड़ा, हमारा दिल आपके पास है, बधाई हो बधाई, खिचड़ी मेरा लैंडमार्क जैसी कई फिल्मों में काम किया। अभी नई फिल्म खिचड़ी पर बनी है। इस मौके पर संस्थान के परीक्षा नियंत्रक वेदप्रकाश नांदल, जनसंपर्क विभाग के निदेशक डॉ. बेनूल तोमर, विभांषु वैभव प्रोफेसर एक्टिंग विभाग मौजूद रहे।

विकल्प बहुत हैं, प्रशिक्षण अनिवार्य है
अभिनेता ने बताया कि आज कई प्लेटफार्म हैं, जहां कलाकार अपनी कला दिखा सकता है। पहले इतने ऑपशन नहीं थे। लोग पर्दे पर फिल्में देखने के अलावा वेब सीरीज और सीरियल आदि भी पसंद करते हैं। क्षेत्रिय फिल्मों का अब खास बोलबाला है। कलाकार के लिए जरूरी है कि वह अच्छा प्रशिक्षण ले और ऑडिशन दे। बॉलीवुड में हरियाणवी बोली को खासा स्थान मिला है। क्षेत्रीय फिल्मों को भी सरकार सब्सिडी दे रही है। इस पर काम होना चाहिए। फिल्म में रोल को लेकर न अटकें जो काम मिलता हैं करें, हर रोल का अपना महत्व है। अब बहुत पावरफुल कैरेक्टर होने लगे हैं।
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कलाकारों पर उठते सभी सवाल सच नहीं
अनंग देसाई ने कलाकारों के नशे की लत में पड़ने के सवाल पर बताया कि सभी एक तरह नहीं होते। जो दिखाई देता है कई बार ऐसा नहीं होता। साफ-सुथरा फील्ड है, कुछ गलत हैं, उनके चलते पूरी इंडस्ट्री को गलत नहीं कहा जा सकता। मेरे जीवन में चुनौतियां आईं, लेकिन हिम्मत नहीं हारा।
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