संवाद न्यूज एजेंसी
झज्जर। महेंद्रगढ़ में हुई घटना के बाद सरकार सख्त हुई तो प्रशासन की नींद भी टूटी। आरटीए और ट्रैफिक पुलिस सड़कों पर निकलीं और मानक पूरे न करने वाले स्कूली वाहनों पर कार्रवाई शुरू की। सोमवार को मानकों पर खरे नही उतरे 17 स्कूलों की वाहनों के चालान कर दिए गए। एक वाहन को इंपाउंड कर दिया गया। पुलिस की सख्ती का डर स्कूल संचालकों पर इस कदर हावी है कि कई स्कूल 18 अप्रैल तक बंद कर दिए गए।डीसी ने साफ कर दिया है कि मानक पूरे करने वाले वाहन ही चलने दिए जाएंगे।
सोमवार को ट्रेफिक और आरटीए टीमें सड़कों पर उतरी। टीमों ने 266 स्कूली वाहनों की जांच की। सुरक्षित स्कूल वाहन नीति, मोटर व्हीकल एक्ट और अन्य संबंधित नियमों की अवहेलना के आरोपों में कुल 17 स्कूल वाहनों के चालान किए गए। एक स्कूल वाहन को इंपाउंड किया गया। इसमें 17 वाहन चालक नियम पूरा करते नहीं मिले तो उनका चालान किया गया। शासन की कार्रवाई के डर के चलते कई निजी स्कूलों ने बच्चों की 18 अप्रैल तक छुट्टियां भी कर दी गई है। बेरी में मेले का बहाना बनाया जा रहा है तो दूसरी जगह अन्य बहाने बनाए गए हैं जबकि हकीकत है कि बसों की कमियां दूर करने के लिए ऐसा किया गया है। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। हालांकि जब ईद के दिन छुट्टी करनी चाहिए तो सभी निजी स्कूल खुले थे।
ड्रेस में नहीं मिले चालक, सीट बेल्ट भी नहीं लगाई थी
टीमों की जांच में कई चालक वर्दी में नहीं थे। वाहन मेंअग्निशमन यंत्र न होना, बिना पीले रंग की गाड़ी का प्रयोग करना, सीट बेल्ट नहीं लगाना शामिल रहे। उन्हें चेतावनी भी दी गई। स्कूल संचालकों से साफ कह दिया है कि नियमों के दायरे में ही वाहन चलाएं जाएं।
तीन दिन में 70 वाहनों के चालान, 15 इंपाउंड किए
जिले में लगभग 1900 निजी स्कूल बसें हैं। अब तक 70 गाड़ियों के चालान तीन दिन में किए जा चुके हैं। इसके अलावा लगभग 15 से अधिक गाड़ियां इंपाउंड की गई हैं। प्रशासन की तरफ से जिन गाड़ियों को इंपाउंड किया गया है, उनको स्कूल संचालकों को ही सौंप दिया गया है। स्कूल संचालकों को चेतावनी दी गई है कि पूरे कागज होने के बाद ही गाड़ी का प्रयोग करें। सवाल उठता है कि बिना फिटनेस वाली गाड़ियों का फिटनेस किए दोबारा प्रयोग हुआ तो उसका जिम्मेदार कौन होगा?
स्कूल संचालक ने दिया नोटिस का जवाब
दो दिन पहले बैसाखी के दिन स्कूल की गाड़ी बच्चों को छोड़ने जाने के मामले में शिक्षा विभाग द्वारा जारी नोटिस का जवाब स्कूल प्रशासन की तरफ से बीईओ को दिया गया है। स्कूल की तरफ से कहा गया है कि उनका स्कूल बंद था और गाड़ी भी उनकी नहीं थी। इस मामले में बीईओ ने अपनी रिपोर्ट बनाकर डीईओ को भेज दी है।
वर्जन
निजी स्कूल संचालक की तरफ से जवाब दे दिया गया है। उनका लिखित जवाब है कि यह वैन उनकी नहीं थी और उनका स्कूल भी नहीं खुला था। इसकी रिपोर्ट बनाकर डीईओ को भेज दी गई है।
राजेंद्र नांदल, बीईओ, झज्जर
वर्जन
झज्जर के निजी स्कूलों की कोई हड़ताल नहीं है। निजी स्कूल अपनी बसों की कमियों को दूर कराने का काम कर रहे हैं। प्रशासन का पूरा सहयोग किया जा रहा है।
सुखबीर धनखड़, प्रधान, प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन, झज्जर
इन स्कूल बसों के काटे गए चालान
-न्यूटोन हाई स्कूल झज्जर
-एलए स्कूल झज्जर
-किड्स शैशव स्कूल
-एसएफएस सीनियर सेकेंडरी स्कूल
-एसडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल