रोहतक। बेमौसम बारिश में ओलावृष्टि से जिला में हुए फसलों के नुकसान का आकलन करने का कार्य लगातार जारी है और खराबे के प्रतिशत की जानकारी ग्रामीणों के साथ भी साझा की जाएगी। गिरदावरी का कार्य एक सप्ताह में पूरा हो जाएगा। यह जानकारी उपायुक्त डॉ. यशपाल ने दी। उपायुक्त बुधवार को जिला में चल रहे स्पेशल गिरदावरी के कार्य के संबंध में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने बताया कि गिरदावरी के कार्य में लगे राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह नुकसान के आंकड़े ग्रामीणों व गांव वाइस बनाई गई कमेटी के साथ सांझा करें। एक सप्ताह के भीतर स्पेशल गिरदावरी का कार्य पूर्ण करके रिपोर्ट सरकार को भेज दी जाएगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने दो सप्ताह पूर्व सभी उपायुक्तों व मंडलायुक्तों को निर्देश दिए थे कि 15 अप्रैल तक स्पेशल गिरदावरी का कार्य पूर्ण करके रिपोर्ट सरकार को भेजी जाए, लेकिन इस बीच कई बार बारिश व ओलावृष्टि हुई है। परिणाम स्वरूप क्षेत्र में बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। उपायुक्त डॉ. यशपाल ने कहा कि राजस्व विभाग के अलावा कृषि विभाग के अधिकारी लगातार गांव का दौरा करके नुकसान का आंकलन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गांव की अलग-अलग स्थिति है। कहीं पर ज्यादा नुकसान है तो कहीं पर बहुत कम। कहा कि 25 प्रतिशत से अधिक खराबा होने पर मुआवजा दिया जाता है। इसके अलावा किसानों को ई-फसल क्षतिपूर्ति पोर्टल के माध्यम से भी एक प्लेटफार्म उपलब्ध करवाया गया है, जिस पर किसान स्वयं अपने खराबे की जानकारी दे सकता है। इसके साथ ही उन्होंने किसानों का आह्वान किया कि वह मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन अवश्य करवाएं। अधिकारी आज गांव गुढ़ान बोहर, कटेसरा, भालौठ, इस्माइला-11बी, सांपला, आसन, कलानौर, पिलाना व निडाना आदि गांवों के खेतों में गए। नुकसान का जायजा लिया और किसानों से बातचीत की।