बोहर में पत्नी के व्यंग्य कसने पर अपने ही बेटे को नहर में डुबोकर मार डालने वाले पिता को पुलिस ने एक दिन का रिमांड पूरा होने के बाद अदालत में पेश किया। यहां से अदालत ने जेल भेज दिया। इससे पूर्व आरोपी को घटनास्थल पर ले जाया गया। यहां आरोपी ने पूरी घटना का विवरण देते हुए नहर में बच्चे को डुबोने वाली जगह की निशानदेही की।
अर्बन एस्टेट थाना प्रभारी इंस्पेक्टर प्रहलाद सिंह ने बताया कि छह अगस्त को दूध विक्रेता बोहर निवासी सुनील उर्फ ढीलू की शिकायत पर उसके बड़े बेटे छह साल नौ माह के दीपांशु के अपहरण का केस दर्ज किया था। छोटा बेटा चार साल का मयंक घर पर था। बड़ा बेटा दीपांशु पांच अगस्त की रात करीब आठ बजे घर से लापता हो गया। उसकी चप्पल नहर के पुल पर मिली। उसके अपहरण का अंदेशा जताया गया। इस केस की जांच करते हुए पुलिस ने सीसीटीवी खंगाले तो हत्या के मामले का खुलासा हुआ।
आरोपी सुनील उर्फ ढीलू ने पूछताछ में बताया कि उसने नहर में डुबोकर दीपांशु की हत्या की है। पत्नी छोटे बेटे मयंक से ज्यादा प्यार करती थी। उसने कहा कि छोटे बेटे की तरफ भी ध्यान दिया करो। इसके चलते तय किया कि वह झगड़े की जड़ ही समाप्त कर देगा। वह बड़े बेटे को बाइक पर बैठाकर जवाहर लाल नेहरू नहर के श्मशान घर के नजदीक वाले पुल पर ले गया। यहां बेटे से कहा कि दोनों नहर में नहाएंगे। उसे बेटे को पानी में डूबा दिया। इसके बाद उसे नहर में गहराई में धकेल कर घर वापस आ गया। यहां से करीब आधा किलोमीटर दूर दूसरे पुल पर उसने बेटे की चप्पलें फेंकी। सोमवार को बेरी के पास से दीपांशु का शव बरामद हुआ।