रोहतक। दिल्ली से डेढ़ किलो हेरोइन लेकर आ रही मंगलामुखी सोनिया तीन माह पहले ही गिरोह से जुड़ी थी। तीन बार वह गिरोह के साथ माल लेकर आ चुकी थी, लेकिन अबकी बार एवीटी स्टाफ की गिरफ्त में आ गई। वहीं, गिरोह के तीन साथी मोनू, मिचुन व मदन अभी फरार हैं, जो खोखराकोट के ही रहने वाले हैं। शुक्रवार को पुलिस आरोपी सोनिया व ललित को दो दिन के रिमांड के बाद अदालत में पेश करेगी।
एवीटी स्टाफ इंचार्ज गोर्धन सिंह ने बताया कि मंगलवार रात को गश्त के दौरान सूचना मिली थी कि जींद बाईपास निवासी सोनिया व शास्त्री नगर निवासी ललित नशीला पदार्थ बेचने का कार्य करते हैं। दिल्ली से माल लेकर रोहतक आ रहे हैं। पुलिस ने सांपला के कुलताना मोड़ पर नाका लगाकर वाहनों की जांच पड़ताल शुरू की। दिल्ली की तरफ से एक गाड़ी तेज गति से आई, जिसे रुकवाकर पूछताछ की। कार चालक की पहचान शास्त्री नगर निवासी ललित व साथ ही सीट पर बैठी जींद बाईपास निवासी सोनिया के तौर पर हुई। महिला टीम के साथ ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में तलाशी ली तो गाड़ी की सीट के नीचे एक डिब्बा मिला। डिब्बे को खोलकर जांच की तो डेढ़ किलो हेरोइन मिली थी। पुलिस ने आरोपियों को दो दिन के रिमांड पर लिया था।
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पिलर नंबर देते हैं गिरोह के सदस्य
पूछताछ में पता चला है कि गिरोह के सदस्य दिल्ली से जब माल लेकर आते हैं तो एक-दूसरे को मेट्रो के पिलर का नंबर बताते हैं। उस नंबर पर दोनों पार्टी कार में पहुंचती हैं। वहां से हाथों-हाथ माल इधर से उधर किया जाता है। इसके अलावा जांच में यह भी पता लगा है कि गिरोह के सदस्य कम मात्रा में माल नहीं बेचते थे। इस कारण वे पुलिस की गिरफ्त में आने से अभी बचे हुए थे।
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पूछताछ में पता चला है कि गिरोह से तीन युवक और जुड़े हैं, जो उस कार के पीछे-पीछे दूसरी कार में चल रहे थे, जिसमें माल मिला था। अब पुलिस शुक्रवार को आरोपी सोनिया व ललित को अदालत में पेश कर दोबारा रिमांड पर लेने का प्रयास करेगी।
- एसआई गोर्धन सिंह, प्रभारी एवीटी स्टाफ