रावण का पुतला बनाते नदीम हैमद । अमर उजाला
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रोहतक। दशहरा के लिए इस साल 80 फुट के रावण का पुतला तैयार किया गया है। जबकि मेघनाथ व कुंभकर्ण के पुतले 70 फुट के होंगे। इन पुतलों की कीमत लगभग पांच लाख रुपये है। दशहरे पर भगवान राम इन पुतलों का दहन करेंगे। इन पुतलों से आकर्षक आतिशबाजी होगी।
पुरानी आईटीआई में तैयार हो रहे तीनों पुतलों को बनाने के लिए करीब 15 कारीगर बाहर से बुलाए गए हैं। रावण का पुतला बनाने वाले नदीम हैमद फरूखनगर गाजियाबाद के रहने वाले हैं। वह पिछले आठ सालों से लगातार दशहरे पर रावण का पुतला बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि आतिशबाजी में विशेष रूप से रंगीन, चकरी व नायग्रा फॉल वाली आतिशबाजी लोगों में आकर्षण का केंद्र रहेगी। तीनों पुतलों को इस बार रंग-बिरंगी लाइट से सजाया जाएगा। साथ ही रावण को इस बार खास पगड़ी पहनाई गई है। पुतलों को बनाने के लिए बांस, सुतली, पेपर व मैदे की लेई बनाकर पहले पुतले पर लगाई गई है, इसके बाद धोती लगाकर रंगीन पेपर चिपकाया गया है। इन पुतलों को बनाने में 20 से 22 दिन का समय लगता है। रावण की आंखों में इस बार विशेष रूप से लाइटों का इस्तेमाल किया गया है। दशहरे वाले दिन श्रीराम रावण का दहन तीन प्रज्ज्वलित तीरों के साथ करेंगे। रावण दहन के समय लोगों की सुरक्षा के लिए पुतलों को बनाते समय ठंडे कोल्डनार का इस्तेमाल किया गया है। पुतले के दहन के समय उसके आस-पास खड़े लोगों को उसमें से निकलने वाली चिंगारी या आग से किसी प्रकार का नुकसान नहीं होने का कारीगर की ओर से दावा किया गया है।
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पुतलों को बनाने में कई दिनों का समय लगता है और कुछ ही समय में यह राख हो जाते हैं। खुद के हाथों से बनाई चीजों से जुड़ाव तो रहता है, जब यह राख होते हैं तो अच्छा नहीं लगता। लेकिन यही हमारी रोजी रोटी है, यदि आग न लगे तो पुतला ही क्यों बने। हर साल रामलीला के दौरान बहुत लोगों को इससे काम मिलता है। दहन के दौरान वहां मौजूद लोगों की सुरक्षा का भी ध्यान रखते हैं कि हमारी ओर से कोई कमी न रहे।
- नदीम हैमद
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खास रूप से तैयार की है सोने की लंका
रामलीला में इस बार लंका दहन के लिए विशेष रूप से सोने की लंका तैयार की गई है। इस लंका को बनाने के लिए बांस, सुतली व चमकीले गोल्डन पेपर का इस्तेमाल किया गया है। 2 अक्तूबर को इस सोने की लंका का दहन किया जाएगा।