रोहतक। चमारिया के खेत में बने तालाब में दूसरे दिन चरवाहे का शव मिल सका। 20 फीट की गहराई से एनडीआरएफ के गोताखोरों ने बाहर निकाला। दोपहर बाद शव को सदर पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के हवाले कर दिया।
रैनकपुरा निवासी जितेंद्र ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसके पिता 60 वर्षीय इंद्र सिंह के साथ बकरी चराने निकला था। चमारिया के पास तालाब में एक बकरी गिर गई। इसे निकालने के लिए पिता तालाब में उतर गए। काफी देर बाद भी वह बाहर नहीं आए तो उसने अनहोनी की आशंका में शोर मचाया। आसपास के लोग मदद के लिए आए, लेकिन गहराई ज्यादा होने के कारण पता नहीं लग सका। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और एनडीआरएफ की टीम की मदद से चरवाहे को तलाश किया। नाव की मदद ली गई, इसके बावजूद कुछ पता नहीं चला। वीरवार सुबह फिर पुलिस ने सर्च अभियान चला। दोपहर करीब एक बजे गोताखोर शव 20 फीट की गहराई से शव ऊपर लेकर लाने में कामयाब रहे।
खनन के चलते खेत में ही तालाब बना हुआ है, जिसकी गहराई 20 फीट थी। किसी तरह शव को बाहर निकाल कर शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है।
-मुरारीलाल, प्रभारी, थाना सदर।
रोहतक। चमारिया के खेत में बने तालाब में दूसरे दिन चरवाहे का शव मिल सका। 20 फीट की गहराई से एनडीआरएफ के गोताखोरों ने बाहर निकाला। दोपहर बाद शव को सदर पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के हवाले कर दिया।
रैनकपुरा निवासी जितेंद्र ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसके पिता 60 वर्षीय इंद्र सिंह के साथ बकरी चराने निकला था। चमारिया के पास तालाब में एक बकरी गिर गई। इसे निकालने के लिए पिता तालाब में उतर गए। काफी देर बाद भी वह बाहर नहीं आए तो उसने अनहोनी की आशंका में शोर मचाया। आसपास के लोग मदद के लिए आए, लेकिन गहराई ज्यादा होने के कारण पता नहीं लग सका। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और एनडीआरएफ की टीम की मदद से चरवाहे को तलाश किया। नाव की मदद ली गई, इसके बावजूद कुछ पता नहीं चला। वीरवार सुबह फिर पुलिस ने सर्च अभियान चला। दोपहर करीब एक बजे गोताखोर शव 20 फीट की गहराई से शव ऊपर लेकर लाने में कामयाब रहे।
खनन के चलते खेत में ही तालाब बना हुआ है, जिसकी गहराई 20 फीट थी। किसी तरह शव को बाहर निकाल कर शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है।
-मुरारीलाल, प्रभारी, थाना सदर।