रोहतक। सात साल पहले श्याम कॉलोनी में प्रॉपर्टी डीलर के चाचा कुलदीप को गोली मारने के केस में अदालत ने शास्त्री नगर के पवन उर्फ पौना को दोषी करार दिया है, जबकि पांच आरोपियों को बरी कर दिया। दोषी को एएसजे रजनी यादव की अदालत शुक्रवार को सजा सुनाएगी।
पुलिस रिकाॅर्ड के मुताबिक श्याम कॉलोनी निवासी राजेश उर्फ राजू दांगी ने 2016 में सिटी थाने में शिकायत दी थी कि वह मदीना के रवींद्र के साथ अपने कार्यालय के बाहर खड़ा था। तभी बाइक पर तीन युवक आए, इनमें से वह बीच में बैठे श्याम कॉलोनी के पवन उर्फ पौना को पहचानता है। थोड़ी दूरी पर उसके चाचा कुलदीप की कनपटी पर गोली मारकर फरार हो गए। राजू दांगी ने अपने चाचा को पीजीआई में दाखिल कराया, जहां उसकी जान बच गई। दांगी ने आरोप लगाया कि श्याम कॉलोनी निवासी अक्षय व शास्त्री नगर निवासी सोमबीर उर्फ कैरा वारदात की साजिश में शामिल हैं। क्योंकि अक्षय ने उसके ऊपर 2014 में गोली चलाई थी। पुलिस ने आरोपी पवन उर्फ पौना, अक्षय, कृष्ण उर्फ बिल्लू, सोमबीर उर्फ कैरा, छत्रपाल व महेंद्र सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया था। बचाव पक्ष के वकील सुशील पांचाल ने बताया कि वीरवार को अदालत ने पवन उर्फ पौना को दोषी करार दिया, बाकी पांच आरोपियों को बरी कर दिया। अदालत में शुक्रवार को सजा पर बहस होगी।
पुलिस जांच में मिली चार खामियां
बचाव पक्ष के मुताबिक केस के अंदर पुलिस की तरफ से आरोपियों की शिनाख्त गिरफ्तारी के बाद नहीं, बल्कि अदालत में करवाई। दूसरा आरोपी कृष्ण व सोमबीर को साजिश में शामिल किया था। इसके लिए कॉल डिटेल दी गई, लेकिन जो मोबाइल नंबर आरोपियों की ओर से प्रयोग किए गए बताए गए हैं, उनके सिम किसी अन्य के नाम थे। पुलिस ने सिम मालिकों के बयान दर्ज नहीं किए। तीसरा जहां वारदात हुई, वह भीड़भाड़ वाला इलाका है, लेकिन पब्लिक की ओर से कोई गवाह नहीं है। शिकायतकर्ता ने मदीना के युवक रवींद्र को घटनास्थल पर बताया था, लेकिन उसकी कोई गवाही नहीं हुई। केस में किसी तरह की सीसीटीवी फुटेज तक नहीं हैं।