रोहतक। दादा लख्मीचंद सुपवा के शिक्षकों को अपने सर्विस अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक विमर्श प्रदर्शन करते हुए 251 दिन हो गए हैं। अन्याय और पीड़ा के खिलाफ अपने विमर्श के दौरान चिंता जाहिर करते हुए शिक्षकों ने कहा कि प्रशासन की ओर से प्राध्यापकों की वर्षों से अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि लगातार नियमों की अवहेलना के खिलाफ और न्याय के लिए संघर्ष करते हुए विश्वविद्यालय की सड़क किनारे फुटपाथ पर उन्हें विवश होकर बैठना पड़ रहा है।
दूसरी तरफ प्रशासन की ओर से शिक्षकों पर झूठे आरोप, दबाव, अंदरुनी खींचतान जारी है। शिक्षकों ने राज्यपाल के आगमन पर गहरी प्रशंसा जाहिर की है और ईमेल भेजकर उनसे मिलने का समय भी मांगा है। इस बीच शिक्षक संघ ने सुपवा में आए हुए राज्यपाल व कुलाधिपति से भी शिक्षकों के साथ बातचीत कर न्याय करने की गुहार लगाई है। उन्होंने विश्वविद्यालय में चल रही गलत प्रक्रियाओं पर जल्द से जल्द रोक लगाई जाए, ताकि कला के संस्थान को बचाया जा सके और गुरुओं को न्याय मिल सके ।