आरटीए सचिव मेजर गायत्री अहलावत ने शुक्रवार को अपने कार्यालय में निजी स्कूल संचालकों के साथ बैठक की। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी मनजीत मलिक और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी दिलजीत सिंह व यातायात पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
अहलावत ने कहा कि सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी में चालक सबसे अहम है। कनीना का हादसा भी चालक की वजह से हुआ। शराब पीकर कोई चालक वाहन न चलाए, इस पर ध्यान देना होगा। इसके बाद स्पीड गवर्नर वाहनों में अहम है। निर्धारित गति सीमा से अधिक पर वाहन न चलें। सोमवार तक सभी स्कूल विभाग को वाहन चालकों व सहायकों का डाटा हर हाल में पहुंचा दें। सीसीटीवी व इनकी 15 दिन की रिकॉर्डिंग के साथ स्कूल में तीन माह का रिकॉर्ड रखना जरूरी है। इसे कभी भी जांचा जा सकता है। विभाग चालकों का कौशल भी जांचेगा। इसके लिए 50 चालक हर सप्ताह (रैंडमली) जांचे जाएंगे। बच्चों की सुरक्षा के लिए यह जरूरी है।
जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि बच्चों को सुरक्षित स्कूल लाना व घर ले जाना हमारी जिम्मेदारी है। इसके लिए वाहनों पर अनुभवी चालकों का होना जरूरी है। विभाग को दी गई जानकारी के अलावा कोई दूसरा चालक वाहन चलाते न मिले। इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने कहा कि बसों में सुरक्षा मानक पूरे होने चाहिए। इसमें अग्निशमन यंत्र, फर्स्टएड बॉक्स व अन्य उपकरण शामिल हैं। स्कूल संचालक अपनी बसों में इन सभी का होना सुनिश्चित करें। शिक्षा विभाग व आरटीए कार्यालय मिलकर कड़ी कार्रवाई करेगा।