नीट परीक्षा में सातवीं रैंक पाने के बाद सात्विक के साथ खुशियां मनाते परिजन।
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रोहतक। नीट परीक्षा 2020 में ऑल इंडिया लेवल पर सातवीं रैंक पाने वाले 17 वर्षीय सात्विक ने अपनी सफलता का मूल मंत्र पढ़ाई में निरंतरता, सही दिशा, मेहनत, ट्यूशन व सबसे अधिक सेल्फ स्टडी को दिया है। सात्विक अपनी मां को अपना आइडियल मानते हैं और अपने पिता की तरह गेस्ट्रो सर्जन बनना चाहते हैं। पीजीआईएमएस में बतौर गेस्ट्रो सर्जन डॉ. राजेश गोदारा व फार्माकोलॉजिस्ट एवं डिप्टी सिविल सर्जन जींद डॉ. सुशीला गोदारा के पुत्र सात्विक ने नीट परीक्षा में सातवां रैंक ला कर माता-पिता के साथ प्रदेश का नाम रोशन कर दिया है। डॉ. राजेश ने बताया कि रोहतक के निजी स्कूल से मैट्रिक पास करने के बाद उनका बेटा नजफगढ़ निजी स्कूल चला गया और वहां 11वीं व 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके साथ ही नीट परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। निजी कोचिंग सेंटर, सिंपल ट्यूशन के अलावा सेल्फ स्टडी पर जोर दिया और कामयाबी मिल गई। आठ से दस घंटे पढ़ने के साथ पर्याप्त नींद लेना और एक से डेढ़ घंटा आउट डोर गेम भी खेला। वहीं सात्विक का कहना है कि वह अपने पिता की तरह एक सर्जन और गेस्ट्रो सर्जन बनना चाहते हैं। इसके अलावा बड़ी बहन मौलाना मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस कर रही है।