हरियाणा के रोहतक में रविवार को सनसिटी में पहलवानों के मामले को लेकर हुए सर्वखाप की बैठक हुई। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि दिल्ली पुलिस द्वारा मामले में की गई लीपापोती से सिर्फ सर्वखाप ही नहीं समाज में भी भारी निराशा है।
सर्वखाप संयोजक महेंद्र नांदल ने बताया कि पूरा भारत 15 जून को सांसद बृजभूषण पर आरोपों को तय करने और दिल्ली पुलिस द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली स्टेटस रिपोर्ट की तरफ निष्पक्षता की आस लगाए बैठा था। लेकिन पुलिस ने जो रिपोर्ट पेश की, उससे आमजन को निराशा ही हाथ लगी।
सामाजिक न्याय के लिए जानी जाने वाली खाप पंचायतों के लोग इस मामले में न्याय की सही शुरुआत के इंतजार में थे। आरोपी दबंग और प्रभावशाली व्यक्ति है वह बाहर खुला घूमता रहा और जांच को हर तरह से प्रभावित करता रहा। सरकार विशेषकर गृह विभाग उस के पक्ष में जुटा हुआ था। साक्ष्यों को मिटाने और खिलाड़ियों को डराने-धमकाने की कार्रवाई बराबर चलती रही।
...तो लोगों का न्याय प्रणाली से भरोसा उठ जाएगा
प्रवक्ता कैप्टन जगबीर मलिक ने कहा कि पाॅक्सो एक्ट से बचने के लिए नाबालिग खिलाड़ी बेटी के परिवार को डराया धमकाया गया, दबाव दिया गया। इसके कारण उस खिलाड़ी बेटी ने डरकर बयान में बदलाव किया। जबकि 164 के बयान मजिस्ट्रेट के सामने एक ही बार होते हैं। अब सर्वोच्च न्यायालय पर निर्भर करता है कि कौन से बयान को संज्ञान में लिया जाएगा।
अगर सर्वोच्च न्यायालय पहले वाले 164 के बयान पर कार्रवाई करता है तो आरोपी को तुरंत जेल में डालने की कार्रवाई करनी होगी। असली न्याय यही है। अगर ऐसा नहीं होता है तो लोगों का न्याय प्रणाली से भरोसा उठ जाएगा और दबंगों और अमीर लोगों के घरों पर न्यायपालिका नमन करती नजर आएगी। बेटियों को उचित न्याय दिलाना अभी सर्वोच्च न्यायालय पर निर्भर करता है। बेटियों के लिए न्याय की आस में देश की जनता आज सर्वोच्च न्यायालय की तरफ टकटकी लगाए देख रही है।
इस दौरान हुडा खाप के पूर्व प्रधान धर्मपाल हुड्डा, मलिक खाप प्रतिनिधि राजवीर मलिक और ओमप्रकाश नांदल मुख्य रूप से उपस्थित रहे।