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रोहतक: ई-टेंडरिंग व राइट टू रिकॉल के विरोध में सरपंचों ने किया रोड जाम

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रोहतक। ई-टेंडरिंग और राइट टू रिकॉल के विरोध में सोमवार को सरपंच सड़क पर उतर आए। वह सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। गेट बंद होने से आक्रोश बढ़ गया। सरपंचों ने गेट खोलने की मांग की, लेकिन पुलिस ने उनकी एक नहीं सुनी। इससे माहौल तनावपूर्ण बन गया। पुलिस और सरपंचों के बीच काफी देर तक कहासुनी हुई। लेकिन, लघु सचिवालय का गेट न खुलने से सरपंचों ने सड़क के बीच धरना लगा दिया। इससे वाहनों के चक्के जाम हो गए। इस बीच मरीज को अस्पताल लेकर जा रही एक एंबुलेंस फंस गई। सरपंचों ने मानवता का परिचय देते हुए एंबुलेंस को तो निकलने के लिए रास्ता दे दिया, लेकिन अन्य वाहनों को आगे नहीं जाने दिया। ट्रैफिक पुलिस को यातायात सुचारू करने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
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प्रदर्शन कर रहे सरपंचों को समझाने के लिए मौके पर पहुंच एसडीएम राकेश सैनी ने प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। करीब पौना घंटा जाम लगाने के बाद सरपंचों ने एसडीएम को मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन सौंपते हुए सरकार को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया। सरपंचों ने कहा कि यदि सरकार ने मांगों को स्वीकार नहीं किया तो एक मार्च को सीएम आवास का घेराव करेंगे। इससे पहले सरपंच मानसरोवर पार्क में एकत्र हुए। काला सरपंच ने कहा कि सरकार ई-टेंडरिंग को लागू करने पर अड़ी हुई है, जबकि सरपंच और विधायक इसका विरोध कर रहे हैं। राइट टू रिकॉल को लागू करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे सहन नहीं किया जाएगा। पहले विधायक, मंत्री व सांसदों पर यह नियम लागू होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरपंच झुकने वाले नहीं हैं। इसके बाद यहां से नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। उपायुक्त की अनुपस्थिति में उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों ने लघु सचिवालय के बाहर धरने की अनुमति मांगी, लेकिन नहीं मिली। इसके बाद रोष में आए सरपंचों ने वहीं धरना देकर करीब पौन घंटे तक जाम लगाया।



वाहन चालक और प्रदर्शनकारी हुए आमने-सामने

लघु सचिवालय के बाहर सरपंचों के विरोध प्रदर्शन के कारण जाम की स्थिति बन गई। सरपंचों ने खुद वाहन चालकों को आगे जाने से रोका तो पुलिस ने भी सोनीपत स्टैंड पर ही वाहन चालकों को रोकते हुए उनका रूट डायवर्ट करवाया। लेकिन, आंबेडकर चौक व सोनीपत स्टैंड के बीच लंबा जाम लग गया।
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नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपने से किया इंकार

प्रदर्शन के दौरान सरपंचों ने मुख्यमंत्री के नाम उपायुक्त को ज्ञापन देने की मांग की, लेकिन उपायुक्त की अनुपस्थिति में नायब तहसीलदार बंसी लाल ज्ञापन लेने पहुंचे। सरपंचों ने उन्हें ज्ञापन देने से इंकार कर दिया। इसके बाद एसडीएम राकेश सैनी ज्ञापन लेने पहुंचे, लेकिन सरपंचों ने उन्हें भी ज्ञापन देने से मनाकर दिया। काफी देर बहस के बाद उन्होंने सरपंचों को समझाया कि उपायुक्त नहीं हैं, उनकी बात आगे पहुंचा दी जाएगी। इसके बाद सरपंचों ने एसडीएम को ज्ञापन दिया।
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