रोहतक। सड़कों पर दौड़ते स्कूल वाहनों की स्थिति खस्ता हाल है। किसी के पास परमिट नहीं है तो कोई सड़क पर चलने लायक हालत में ही नहीं है। इसके बावजूद इन वाहनों में आपके लाड़लों को सामान की तरह ठूंस-ठूंस कर लाया ले जाया जा रहा है। यह हम नहीं, प्रशासन के आंकड़े कह रहे हैं। कनीना हादसे के बाद हरकत में आए प्रशासन ने स्कूली वाहनों की पड़ताल शुरू की तो उनके एक दो नहीं, कई खामियां पाई गईं। इसी कड़ी में रविवार को क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) सचिव मेजर गायत्री अहलावत व एसडीएम आशीष वशिष्ट ने 119 स्कूल वाहनों की जांच की। इनमें से 10 बसाें के मानकों पर खरा नहीं मिलने के चलते चालान किए गए।
उपायुक्त अजय कुमार ने कहा कि प्रत्येक स्कूल संचालक को हरियाणा मोटर व्हीकल रूल्स के प्रावधानों और सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी की अनुपालना सुनिश्चित करनी होगी। स्कूल बसों की फिटनेस लेकर जिला प्रशासन की ओर से लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के साथ सख्ती से निपटा जाएगा। कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्कूल संचालकों को हिदायत दी है कि वे अपनी स्कूल बसों को दुरुस्त करें। अभी जांच अभियान जारी रहेगा। साथ ही स्कूल संचालकों को बसों में मौजूद कमियों को दूर कर परमिट लेना होगा।