रोहतक। सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे कर्मचारी बैठक करते हुए। अमर उजाला
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माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक।
कोविड-19 ड्यूटी से हटाए गए कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन बुधवार को भी जारी रहा। सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे कर्मचारियों ने अपना वेतन व एरियर नहीं मिलने पर नाराजगी जताई। साथ ही धरनास्थल पर ही अपनी रणनीति पर चर्चा की।
कर्मचारियों का कहना है कि सरकार व स्वास्थ्य विभाग ने कोविड ड्यूटी करने वाले कोरोना योद्धाओं को बगैर किसी सूचना के नौकरी से हटा दिया। उन्हें सरकार ने एक पल में बेरोजगार बना कर सड़क पर खड़ा कर दिया है। यह अन्याय है। कर्मचारी के बेरोजगार होने से उनके परिवार के समक्ष लालन-पालन की समस्या भी उत्पन्न हो गई है। यही नहीं मार्च का वेतन कर्मचारियों को अब तक नहीं मिला है। इसके अलावा एरियर का भी अब तक भुगतान नहीं किया गया है। प्रशासन को कई बारे में कई बार अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। इस कारण नौकरी से हटाए गए कर्मचारियों को तपती धूप में धरना प्रदर्शन करना पड़ रहा है। अब भी हमारी सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। इस मौके पर अमित, अमित कुमार, वर्षा, प्रशांत, निकिता व अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।