हादसे में घायल रानी हुड्डा। हादसे में क्षतिग्रस्त वाहन।
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हरियाणा के रोहतक के घनीपुरा की रानी हुड्डा ने बहादुरी की मिसाल कायम की है। खून से लथपथ व चोटिल होने के बावजूद अपनी सुध छोड़कर सड़क पर पलटी कार से एक-एक कर छह दिव्यांग खिलाड़ियों व कार के चालक का जीवन बचा लिया। इन्हें बड़ी मुश्किल से कार से बाहर निकाला। रानी हुड्डा और कार चालक कृष्ण फोगाट ने इससे रूबरू कराया।
नारी उदय फाउंडेशन की निदेशक और टीम की कोच रानी हुड्डा ने बताया कि पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी लुधियाना में ब्लाइंड फुटबाॅल फेडरेशन के तत्वावधान में चार दिवसीय नाॅर्थ सेंट्रल जोन फुटबाॅल प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। यहां से ट्रॉफी जीतकर रविवार शाम को टीम कार में सवार होकर घर लौट रही थी। इसमें टीम की खिलाड़ी सदस्य पूजा, कौशल्या, अंतिम, खुशबू, संतोष, जिया शामिल हैं। रास्ते में पंजाब के मलेर कोटला के पास दिव्यांग खिलाड़ियों की कार का अगला टायर फटने से हादसा हो गया।
एक धमाका सुनाई दिया था। इसके बाद क्या हुआ, कुछ समझ नहीं आया। कार अनियंत्रित हो गई और फुटपाथ पर चढ़कर खंबे से टकरा गई। यही नहीं, कार सड़क पर करीब 30 मीटर तक फिसलती चली गई। इस कारण कार में आग लग गई और धुआं भर गया। खतरा भांपकर हिम्मत जुटाई और कोहनी मारकर गाड़ी का शीशा तोड़ा। इससे हाथ व चेहरे पर चोट आ गई। खिड़की से किसी तरह बाहर निकलकर कार में सवार छह दिव्यांग खिलाड़ियों को बाहर निकाला। गनीमत रही कि सभी सकुशल थीं। इसके बाद कार के अंदर फंसे चालक को सीट-बेल्ट तोड़कर निकाला। इसके बाद आसपास के लोगों ने हमें पास के अस्पताल में पहुंचाया। - जैसा कि रानी हुड्डा ने बताया
हादसे में दो दांत टूटे, कंधे में भी चोट
कार चालक कृष्ण फौगाट ने बताया कि चेहरे से खून निकलने के बाद भी रानी हुड्डा ने हिम्मत नहीं हारी। खून से लथपथ होने पर भी अपनी जान की परवाह न करके दिव्यांग खिलाड़ियों का जीवन बचाया। वहीं सीट बेल्ट को तोड़कर मुझे भी निकाला। रानी हुड्डा के चेहरे पर टांके आए हैं। हादसे में दो दांत टूट गए। कंधे में भी चोट है।