लिंगानुपात के मामले में रोहतक प्रदेश में पहले स्थान पर पहुंच गया है। डीसी कैप्टन मनोज कुमार ने इसके लिए संबंधित अधिकारियों को बधाई दी है। उन्होंने बताया कि जिला में लिंगानुपात 955 दर्ज किया गया है। उपायुक्त ने कहा कि अधिकारी लिंगानुपात में सुधार के लिए निरंतर प्रयासरत रहें। पीएनडीटी व एमटीपी एक्ट को सख्ती से लागू किया जाए। इनके तहत प्रसव पूर्व लिंग जांच और कन्या भ्रूण हत्या में संलिप्त अल्ट्रासाउंड केंद्रों और डॉक्टरों पर कड़ी निगरानी की जा रही है। जिला प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य व अन्य विभागों की टीम गठित की गई है, जो समय-समय पर छापेमारी करती है। लड़के और लड़की में कोई अंतर नहीं होता, समाज को इस बारे में अपनी सोच बदलनी होगी। लड़कियों को उनका हक देना होगा, तभी स्वस्थ और संतुलित समाज का निर्माण संभव होगा।