हिंदू-देवी देवताओं के प्रति अपमानजनक शब्द प्रयोग करने का आरोप झेल रहे भाजपा के राज्यसभा सदस्य रामचंद्र जांगड़ा रविवार को महम में मीडिया से मुखातिब हुए। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि उन्होंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया जिसे वापस लेना पड़े।
जांगड़ा ने कहा कि वह कट्टर हिंदू हैं। किसी को माता के मंदिर में जाने से नहीं रोक रहे हैं। वाल्मीकि समाज का एक युवक उसके खेत में काम करता है। वह कई दिन से खेत में नहीं आया। उसने पूछा तो बताया कि बेटे के बाल उतरवाने माता के मंदिर गया था। दोबारा फिर जाना है।
जब मैंने उससे कहा था कि एक अरबपति के बाल 10 रुपये में उतर जाते हैं, तुम्हारे बाल 50 हजार में भी नहीं उतर रहे। इसमें मैंने किसी देवी-देवता का अपमान नहीं किया। लोगों को पाखंड के प्रति जागरूक करना क्या गलत है।
जांगड़ा ने कहा कि कुछ लोग नहीं चाहते कि अनुसूचित जाति और गरीब समाज शिक्षित होकर आगे बढ़े। ऐसे लोगों की उनको परवाह नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति का भी विकास हो, तभी देश का विकास होगा। वे तो अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को जागरूक कर रहे हैं।
जयहिंद ने दी थी एक दिन पहले थाने में शिकायत
शनिवार को सामाजिक कार्यकर्ता नवीन जयहिंद ने आर्य नगर थाने में लिखित शिकायत दी थी कि भाजपा के राज्यसभा सदस्य रामचंद्र जांगड़ा ने हिंदू देवी व देवताओं का अपमान किया है। वे लोगों को हरिद्वार जाने से मना कर रहे हैं। इससे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। उनके खिलाफ केस दर्ज किया जाए।