हरियाणा के रोहतक में एमडीयू के गर्ल्स हॉस्टल में एमएससी प्रथम वर्ष की छात्रा ने संदिग्ध हालात में शुक्रवार शाम को फंदा लगाकर जान देने का मामला सामने आया है। छात्राओं ने कमरे का दरवाजा तोड़ने का प्रयास किया, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। सूचना पाकर रजिस्ट्रार, पुलिस व परिजन मौके पर पहुंचे, लेकिन आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका। इससे पहले 2023 में अब तक कैंपस के बाहर भी दो छात्र सुसाइड कर चुके हैं।
पुलिस को मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार चरखी-दादरी जिले के गांव रानीला निवासी 20 वर्षीय दीक्षा एमडीयू में एमएससी प्रथम वर्ष की छात्रा थी। साथ ही उसने मेघना गर्ल्स हॉस्टल में कमरा ले रखा था। छात्राओं ने पुलिस को बताया कि शाम छह बजे तक दीक्षा को हॉस्टल में घूमते हुए देखा गया।
अचानक हॉस्टल के अंदर से छात्रा के चीखने की आवाज सुनाई दी। छात्राएं दीक्षा के कमरे के बाहर पहुंची, लेकिन अंदर से दरवाजा बंद था। उन्होंने दरवाजा तोड़ने का प्रयास किया, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। तुरंत मामले की सूचना हॉस्टल वार्डन को दी गई। वहां से सूचना पाकर रजिस्ट्रार गुलशन तनेजा मौके पर पहुंचे और पुलिस को अवगत कराया।
पीजीआई थाना प्रभारी प्रमोद गौतम व एफएसएल एक्सपर्ट डॉक्टर सरोज दहिया मौके पर पहुंची। परिजनों को सूचना देकर रोहतक बुलाया गया। रात करीब नौ बजे परिजन हॉस्टल में पहुंचे। उनकी मौजदूगी में शव को नीचे उतारकर जांच पड़ताल की गई। पुलिस का कहना है कि शनिवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। साथ ही परिजनों के बयान दर्ज होंगे। अभी आत्महत्या के कारणों का पता नहीं लग सका है।
प्रारंभिक नजर में सुसाइड लग रहा है। शनिवार को परिजनों के बयान दर्ज कर पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इसके बाद छात्रों की मौत के कारणों का पता लग सकेगा।
-प्रमोद गौतम, प्रभारी थाना पीजीआईएमएस
मां से हुई थी फोन पर बात, नहीं लगा बेटी तनाव में
एमडीयू पहुंचे परिजनों ने पुलिस को बताया कि घर में किसी तरह का तनाव नहीं था। शुक्रवार को दीक्षा ने फोन पर अपनी मां से बात की थी। इतना ही नहीं, एक दिन पहले वह विभाग के अंदर हुई फेयरवेल पार्टी में भी गई थी।
छात्रावास के बाहर जुटे विद्यार्थी।
छात्र संगठन हुए एकत्रित, कारणों के खुलासे की मांग
गर्ल्स हॉस्टल में छात्रा की मौत की सूचना पाकर एमडीयू के छात्रा संगठन एकत्रित हो गए। सीवाईएसएफ के निवर्तमान प्रधान दीपक धनखड़, एसएफआई से अर्जुन व अमित, आंबेडकर छात्र मिशन से विक्रम डुमोलिया, इनसो से प्रदीप देशवाल व प्रदीप शर्मा हॉस्टल के बाहर पहुंचे। छात्र नेताओं ने विवि प्रशासन से छात्र की मौत के कारणों का खुलासा करने की मांग की। विवि के जनसंपर्क निदेशक सुमित मुखर्जी ने छात्रों को समझाया कि पुलिस ने परिजनों की मौजूदगी में शव को नीचे उतारा है। अभी किसी तरह का सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस शनिवार को पोस्टमार्टम कराएगी। इसके बाद मौत के कारणों का पता लग जाएगा। इसके बाद छात्र संगठनों के नेता वहां से चले गए।